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Pilibhit: बाघ का आतंक... खेत में काम कर रहे किसान पर झपटा; खौफ में बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ा

Mon, 06 Nov 2023 05:09 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत के कलीनगर और माधोटांडा क्षेत्र में बाघों की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत है। डगा गांव के समीप सोमवार को खेत में काम रहे एक किसान पर बाघ ने झपट्टा मार दिया। गनीमत रही है कि वहां मौजूद वाचर के शोर मचाने पर बाघ भाग गया, जिससे किसान की जान बची। गांव में दहशत का आलम यह है कि बाघ के चलते बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है। 
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बाघ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत के कलीनगर क्षेत्र के डगा गांव में तीन दिन से मौजूद बाघ ने सोमवार सुबह आबादी के निकट खेत पर काम कर रहे किसान पर झपट्टा मार दिया। कुछ दूरी पर खड़े वाचर के शोर मचाने पर बाघ गन्ने के खेत में जाकर छिप गया, जिससे किसान की जान बची। दो डिप्टी रेंजर के नेतृत्व में टीम को बाघ की निगरानी के लिए लगाया गया है। वहीं बाघ न पकड़े जाने से ग्रामीणों में दहशत और वन विभाग के खिलाफ रोष है। ग्रामीणों ने माधोटांडा-पीलीभीत मुख्यमार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन भी किया। 

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माधोटांडा क्षेत्र के डगा गांव से बराही रेंज का जंगल तीन किलोमीटर दूर है। इस इलाके से सटे हल्दीडेंगा क्षेत्र में हिंसक वन्यजीवों की मौजूदगी बनी रहती है। तीन दिन पूर्व से यहां दो बाघों की लगातार मौजूदगी देखी जा रही है। सोमवार सुबह डगा निवासी एजाज अहमद आबादी के निकट खेत पर पुआल इकट्ठा कर रहे थे, तभी गन्ने के खेत से निकलकर बाघ ने उन पर झपट्टा मार दिया।

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गनीमत रही कि कुछ दूरी पर खड़े वन वाचर शोर मचाते हुए बाघ की ओर दौड़े। इस पर बाघ रुख बदलकर गन्ने के खेत में जाकर छिप गया। जानकारी के बाद डिप्टी रेंजर सगीर अहमद, मोहम्मद आरिफ के नेतृत्व में टीम निगरानी में जुटी। ग्रामीणों का कहना है कि एक शावक के साथ बाघिन की लगातार क्षेत्र में मौजूदगी देखी जा रही है। दोपहर बाद डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने मौका मुआयना कर जरूरी निर्देश दिए।

बच्चों में दहशत, स्कूल में कम हुई संख्या
डगा गांव में आबादी के नजदीक ही बेसिक स्कूल है। बाघों की चहलकदमी से बच्चों में दहशत है। प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश ने बताया कि बाघों के डर से स्कूल में दो दिन से बहुत कम संख्या में बच्चे आ रहे हैं। बाउंड्रीवॉल न होने से स्कूल में जंगली जानवरों के आने का भी खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग किया जाम
खेतों में चहलकदमी कर रहे बाघ के न पकड़े जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार करीब साढ़े आठ बजे माधोटांडा-पीलीभीत मुख्यमार्ग पर जाम लगा दिया। करीब ढाई घंटे तक जाम लगा रहा। नायब तहसीलदार और रेंजर के आश्वासन के बाद ग्रामीण मार्ग से हटे। इसके बाद रेस्क्यू के लिए पहुंची टीम को बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने भी मौका मुआयना कर निर्देश दिए।

माधोटांडा क्षेत्र के गांव मथना, रानीगंज, जमुनिया, रानीगंज और सपहा की सीमा में कई दिन से बाघ की चहलकदमी देखी जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि दो बाघ अलग-अलग क्षेत्र में सक्रिय हैं। बाघ तीन गोवंश को निवाला बना चुके हैं। रविवार से जमुनिया और सपहा गांव के बीच बाघ की मौजूदगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जानकारी के बाद भी विभाग की ओर से बाघ को पकड़ने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
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इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर रानीगंज, सपहा चौराहे पर जाम लगा दिया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मार्ग पर बैठ गए। जाम लगने से मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। जानकारी होने पर पहले एसओ अचल कुमार ने मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद सामाजिक वानिकी पीलीभीत डिवीजन के रेंजर पीयूष मोहन श्रीवास्तव पहुंचे। इसके बाद नायब तहसीलदार अक्षय यादव की मौजूदगी में ग्रामीणों को समझने क प्रयास शुरू किए गए।

बाघ को पकड़ने के आश्वासन के बाद ग्रामीण मार्ग से हटे। करीब ढाई घंटे बाद मार्ग पर यातायात शुरू हो सका। टीम रेस्क्यू के लिए खेतों की ओर पहुंची, लेकिन बाघ की लोकेशन न मिलने से टीम खेत में ही बैठी रही। देर शाम को आक्रोश के बीच वन विभाग की टीम लौट गई। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ की चहलकदमी जारी है। विभाग की ओर से उसे पकड़ने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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