पीलभीत। बिटिया से दरिंदगी के 90 घंटे बीत चुके हैं। मगर पुलिस के हाथ अब भी गुनाहगारों के गले से दूर हैं। हालांकि शक के आधार पर 33 लोगों को पुलिस की टीम ने पकड़ा है। 100 से अधिक लोग ऐसे हैं जिनसे छानबीन की गई है। इसमें
छात्रा की सहेलियां और उसके साथ पढ़ने वाले छात्र भी शामिल हैं। पुलिस की टीमें अलग-अलग सूचनाओं पर काम कर रही हैं। पकड़े लोगों से पूछताछ में अभी तक पुलिस को कोई खास सुबूत नहीं मिले हैं। जिसके बाद 23 लोगों को छोड़ दिया गया है। बाकी लोगों से पूछताछ जारी है। जैसे-जैसे समय बीतते जा रहा है पुलिस की बेचैनी बढ़ रही है क्योंकि शासन हर स्तर पर घटना का खुलासा चाहता है। इसके लिए पहले आईजी को और अब एडीजी को लगाया गया है।
आईजी की निगरानी में दो जिलों की पुलिस खुलासे में जुटी, एडीजी भी पहुंचे
भले ही पुलिस बिटिया के गुनाहगारों को पकड़ने के लिए भरसक प्रयास कर रहीं हो, मगर शव मिलने के 90 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ अपराधियों से दूर हैं। आईजी ने शाहजहांपुर के एसपी के साथ जिले में डेरा डाल रखा है। अपर पुलिस महानिदेशक भी पहुंच गए हैं। इसके बाद भी बिटिया के गुनाहगारों के खिलाफ पुलिस को कोई ठोस सुबूत नहीं मिल सका है।
दरिंदगी की शिकार हुई बिटिया के असली गुनाहगार कब पकड़े जाएंगे? इसको लेकर सभी के जेहन में सवाल उठ रहा है। बरेेली जोन के आईजी रमित शर्मा ने भी खुलासा कारने के लिए शासन के निर्देश पर बरखेड़ा थाने में डेरा डाल रखा है। शाहजहांपुर के एसपी एस आनंद, पीलीभीत जिले के एसपी दिनेश कुमार पी, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी, बरेली की एसओजी टीम, सर्विलांस टीमें जांच में जुटी हैं। मंडल ही नहीं प्रदेश में महिला अपराध की यह बड़ी घटना है। शासन भी पल-पल की अपडेट ले रहा है। आईजी ने पुलिस की टीमों को साक्ष्य जुटाने और अपराधियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए लगाया है। बिटिया के गांव से मंगलवार की रात 12 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद छह लोगों को छोड़ दिया, मगर अन्य लोगों से पूछताछ जारी है। इसके अलावा आसपास के कई गांवों से संदेह के आधार पर लोगों को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। हालांकि अभी तक दरिंगी के मुख्य साक्ष्य नहीं मिले हैं।
एडीजी ने अफसरों के साथ किया मौका मुआयना
बुधवार शाम चार बजे एडीजी अविनाश चंद बरखेड़ा थाना पहुंचे। इसके बाद पुलिस अफसरों को साथ घटनास्थल का मुुआयना किया। आधा घंटे तक घटनास्थल का मुआयना करने के बाद अफसरों के साथ वार्ता की। इसके बाद लौट गए।
बरेली जोन का सबसे बड़ी घटना है। आईजी रमित शर्मा पिछले कई दिनों से कैंप किए हुए हैं। एसएसपी बरेली की टीम, एसपी शाहजहांपुर की टीम और पीलीभीत पुलिस की कई टीमें लगी हुई। छानबीन कर रहीं 12 टीमों ने अब तक 33 लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया है। पूछताछ के बाद 23 लोगों को छोड़ दिया गया है। अभी दस लोगों से पूछताछ चल रही है। मामले का खुलासा के लिए जीन-जान से लगे हुए हैं। कुछ सुराग मिले हैं। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
- अविनाश चंद्र, एडीजी