जयंत ने कॉल कर कहा-अनिल लखनऊ जाओ, जिम्मेदारी मिलेगी
पुरकाजी सुरक्षित सीट से रालोद विधायक अनिल कुमार ने कहा कि मंत्री बनाए जाने से पहले उन्हें रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह ने लखनऊ जाने के लिए कहा था। कहा कि बड़ी जिम्मेदारी देने की बात हुई है। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। एनडीए गठबंधन यूपी में क्लीन स्वीप करेगा।
वर्ष 2007 में चरथावल सुरक्षित सीट से बसपा के टिकट पर अनिल कुमार ने 35417 वोट हासिल कर भाजपा के रामपाल सिंह को 1873 मतों से हरा दिया था। दिलचस्प बात यह रही कि तत्कालीन मंत्री उमा किरण सिर्फ 15425 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रही थीं।
वर्ष 2012 में परिसीमन के बाद सुरक्षित सीट पुरकाजी बनाई गई। बसपा के टिकट पर अनिल कुमार ने 53491 वोट हासिल किए और कांग्रेस के पूर्व मंत्री दीपक कुमार को 8908 मतों से हराया। सपा प्रत्याशी उमा किरण तीसरे और भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्राची आर्या चौथे स्थान पर रही थीं।
मुजफ्फरनगर दंगे के बाद साल 2017 में भाजपा की लहर में हुए चुनाव में तीसरी बार बसपा के टिकट पर ही अनिल मैदान में उतरे, लेकिन भाजपा के प्रमोद ऊटवाल के सामने हार गए थे। दूसरे स्थान पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री दीपक कुमार और तीसरे स्थान पर अनिल कुमार रहे थे। पूर्व मंत्री उमा किरण की जमानत जब्त हो गई थी।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले अनिल कुमार सपा में शामिल हुए। गठबंधन में पुरकाजी सुरक्षित सीट रालोद के हिस्से में चली गई, जिसके चलते वह रालोद के सिंबल पर चुनाव लड़े और भाजपा के प्रमोद ऊटवाल को हरा दिया।
ऐसा है मंत्री अनिल कुमार का परिवार
ममेरे भाई मोनू ने बताया कि मंत्री अनिल कुमार के पिता सेल टैक्स विभाग में रहे और माता भगवानदेई गृहणी थीं। तीन भाईयों में वह सबसे बड़े हैं। दूसरे नंबर पर पंकज और तीसरे सुनील है। बहन सुनीला, रंजना और मोनिका है। उनकी शादी मेरठ से हुई और पत्नी वीरमति गृहणी है। बड़ी बेटी सिमरन बीकॉम कर रही हैं, जबकि दूसरी बेटी आस्था कक्षा नौ की छात्रा हैं।