मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान का निरीक्षण करते डीआईजी व एसएसपी।
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सुरक्षित स्थानों पर पुलिस के पहरे में ठहरेंगी महिला किसान
मुजफ्फरनगर। किसान महापंचायत में पांच हजार महिला किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। महिला किसानों को लेकर पूरा प्रशासन संवेदनशील है। उनके रात में ठहरने से लेकर पंचायत स्थल पर बैठने तक की व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि महिलाओं को लेकर किसी भी प्रकार की कोई चूक नहीं होनी चाहिए।
महापंचायत में आने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन कोई चूक नहीं होने देना चाहते हैं। डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने एसएसपी अभिषेक यादव से महिला किसानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। शासन स्तर से यह स्पष्ट हो गया है कि किसी भी प्रकार की कोई चूक महिला किसानों की सुरक्षा को लेकर नहीं होनी चाहिए। जिला प्रशासन ने भाकियू नेताओं से साफ कह दिया है कि जिन स्थानों पर महिला किसान ठहरेंगी उनमें केवल एक ही स्थान से एंट्री होनी चाहिए। महिला किसान जहां ठहरेगी वहीं पर उनके भोजन की व्यवस्था हो। रात में महिला सुरक्षा कर्मियों की देखरेख में महिला किसान रहेंगी। ठहरने के स्थान से पंचायत स्थल तक महिला किसान पुलिस की सुरक्षा में जाएगी। पंडाल में महिला किसानों के बैठने के लिए दो ब्लाक सबसे आगे अलग से बनाए गए हैं। भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक का कहना है कि महापंचायत में देश भर से पांच हजार महिला किसानों के आने का अनुमान है। महिला किसानों के ठहरने के लिए पंजाबी बरातघर और सिद्धार्थ बैंक्वेट हॉल में अलग से व्यवव्था की गई है। एडीएम प्रशासन अमित सिंह का कहना है कि महिला किसानों की सुरक्षा में अलग से महिला पुलिस लगाई जा रही है।
रामपुर तिराहा की घटना को नहीं भूल रहे अफसर
दो अक्तूबर 1994 को रामपुर तिराहे पर महिलाओं के साथ हुई बर्बरता को अफसर भूल नहीं पा रहे हैं। अपने अधीनस्थ अफसरों से साफ कह रहे हैं कि किसान महिलाओं को लेकर कोई भी चूक नहीं होनी चाहिए। एक छोटी सी घटना पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर देती है। संवाद