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परीक्षा देने से रोकने पर छात्रा ने किया आत्महत्या का प्रयास

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पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। गांव शकरपुर स्थित निजी कॉलेज में फीस जमा न होने पर करीब 70 छात्र-छात्राओं को परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया। इससे आहत एक छात्रा ने घर जाकर खुद को कमरे में बंद कर आत्महत्या का प्रयास किया। मामले में भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं व छात्रा के परिजनों ने थाने में हंगामा कर कॉलेज प्रबंधन व प्रधानाचार्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
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थाना क्षेत्र के गांव शकरपुर स्थित आदर्श इंटर कॉलेज में इंटरनल एग्जाम चल रहे हैं। सोमवार को कॉलेज प्रबंधन ने फीस जमा न कर पाने वाले करीब 70 छात्र-छात्राओें को परीक्षा में बैठने से रोकते हुए उन्हें कॉलेज से वापस लौटा दिया। इसके चलते परीक्षा न दे पाने से आहत छात्र-छात्राओं को अपना भविष्य अधर में दिखाई देने लगा। गांव रंडावली निवासी कक्षा-11 की एक छात्रा ने परीक्षा में बैठने से रोके जाने से आहत होकर अपने घर जाकर खुद को एक कमरे में बंद कर जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। ऐनवक्त पर परिजनों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर छात्रा को बाहर निकालकर उसकी जान बचाई। मामले की जानकारी मिलने पर भाकियू तोमर के कार्यकर्ता मंगलवार को छात्रा के परिजनों के साथ थाने पहुंचे और कॉलेज प्रबंधन व प्रधानाचार्य के साथ ही छात्रा को परीक्षा में बैठने से रोकने वाले शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर हंगामा किया। छात्रा ने पुलिस के समक्ष कॉलेज शिक्षक पर फीस जमा न कर पाने के चलते सबके सामने दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। हंगामे के चलते एएसपी कृष्णा बिश्नोई थाने पहुंचे और मामले की जानकारी लेने के बाद कॉलेज प्रबंधक व शिक्षक को थाने बुलाकर उन्हें जमकर हड़काया। इसके साथ ही पीड़ित छात्रा के परिजनों को मामले की जांच कर कार्रवाई किए जाने का भी आश्वासन दिया। इस दौरान भाकियू तोमर के प्रदेश प्रभारी मनीष चौधरी, जावेद फरीदी, शमशाद अहमद, अफसर अली और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इन्होंने कहा ......
एएसपी कृष्णा बिश्नोई का कहना है कि कॉलेज को किसी भी छात्र-छात्रा को परीक्षा में बैठने से नहीं रोकना चाहिए था। इस तरह का मामला गंभीर है, जिससे छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो सकता है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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कॉलेज प्रबंधक ओम सिंह का कहना है कि छात्रों की फीस जमा न होने से निजी कॉलेज संचालन में मुश्किलें आ रहीं हैं। काफी छात्र-छात्राओं की कई माह की फीस रुकी हुई है, जिसके चलते सोमवार को करीब 70 छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने से रोका गया था। सभी को फीस जमा कराने पर परीक्षा दिलाने का आश्वासन दिया गया है।
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