मुजफ्फरनगर में चरथावल क्षेत्र के एक गांव में किशोरी को बंधक बनाकर उससे दुष्कर्म करने के मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी मां-बेटे को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने बेटे को दस साल और मां को तीन साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन अधिकारी मनमोहन वर्मा ने बताया कि चरथावल क्षेत्र के एक गांव में 16 जुलाई 2016 को 13 साल की किशोरी को बहाने से अपने घर बुलाकर ले जाने के बाद बंधक बनाकर दुष्कर्म किए जाने की घटना हुई थी। मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से आरोपी इरशाद व उसकी मां मोमीना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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अभियोजन अधिकारी ने बताया कि मामले की सुनवाई विशेष अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो कोर्ट आरती फौजदार के समक्ष हुई। अभियोजन की ओर से मनमोहन वर्मा, प्रदीप बालियान, विक्रांत राठी, दिनेश शर्मा के साथ ही शैलेंद्र राणा ने प्रभावी पैरवी की गई।
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अभियोजन की ओर से सात गवाह व पुख्ता सबूत पेश किए, जिनके आधार पर न्यायाधीश आरती फौजदार ने गुरुवार को आरोपी मां-बेटे को दोषी करार दिया है। अभियुक्त इरशाद को दस साल कैद के साथ ही 16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं, उसकी मां मोमीना को तीन साल कैद और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।