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बच्चों को सांस के रोगी बना रहा प्रदूषित हवा

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बच्चों को सांस के रोगी बना रही प्रदूषित हवा
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मुजफ्फरनगर। प्रदूषित हवा बच्चों की सेहत के लिए खतरा बन गई है। दो दिन में एक्यूआई फिर तीन सौ के पार पहुंच गया है, जिससे सांस की बीमारियों के मरीज बढ़ने शुरू हो गए हैं। प्रदूषित हवा से सबसे ज्यादा खतरा बच्चों पर है। पांच साल तक की उम्र के बच्चों को सांस संबंधी बीमारियां घेर रही है। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के बाल रोग विभाग की ओपीडी में ऐसे बच्चे पहुंच रहे हैं, जिन्हें सांस लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गरिमा अग्रवाल कहती हैं कि प्रदूषित हवा से बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित बच्चे पहुंचे है। लगातार प्रदूषित हवा में रहने से दमा या अस्थमा का खतरा बनता है। जो बच्चे पहुंचे हैं, उनके दवाईयां दी गई है। साथ ही तीमारदारों और अभिभावकों को भी जागरूक किया जा रहा है।
इस तरह बह रही प्रदूषित हवा
तिथि एक्यूआई
18 नवंबर 231
19 नवंबर 259
20 नवंबर 250
21 नवंबर 267
22 नवंबर 233
23 नवंबर 226
24 नवंबर 378
25 नवंबर 344
इस तरह बदल रहा है तापमान
तिथि अधिकतम न्यूनतम
18 नवंबर 26.5 11
19 नवंबर 27 10.2
20 नवंबर 26.8 9.5
21 नवंबर 26.5 9.2
22 नवंबर 25.8 8.3
23 नवंबर 25 6.8
24 नवंबर 24.9 8.2
25 नवंबर --- ---
प्रदूषित हवा से बच्चों को खतरा
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश का कहना है कि प्रदूषित हवा के कारण सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है।
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इस तरह बच्चों को बचाएं
स्मॉग या प्रदूषित हवा के दौरान बच्चों को बाहर लेकर न जाएं। जिन मार्गों पर अधिक वाहन गुजरते हैं, वहां बच्चों को लेकर न पहुंचे। धूल भरी सड़कों या निर्माण स्थलों से बच्चों को दूर रखें। बच्चों को ऐसे वातावरण में रखें, जहां शुद्ध हवा हो। इससे बच्चे को सांस संबंधी बीमारियां नहीं होगी।
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