मुजफ्फरनगर में चरथावल के न्यामू से रुड़की में परीक्षा देने गए छात्र ने पेपर छूटने पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन रुड़की में पोस्टमार्टम ककररा शव को लेकर गांव पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया।
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चरथावल विकास खंड क्षेत्र के गांव न्यामू निवासी गुरुप्रीत (18) की इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तराखंड के रुड़की क्षेत्र के गांव इमलीखेड़ा में चल रही थी। मंगलवार को वह बाइक से वहां पेपर देने गया था, लेकिन समय से नहीं पहुंच पाने के कारण उसका पेपर छूट गया। इससे क्षुब्ध छात्र ने इमलीखेड़ा के जंगल में पेड़ में फंदा डालकर आत्महत्या कर ली।
वहीं, रात तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने तलाश शुरू की। उसके मोबाइल फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा था। परिजन और ग्रामीणों ने रुड़की थाने में पहुंच कर सूचना दी। पुलिस ने मोबाइल फोन से ट्रेस करने का प्रयास किया।
बताया गया कि बुधवार सुबह इमलीखेड़ा के जंगल में उसका शव पेड़ से लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया। शाम को शव का गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। पिता पप्पू के चार बेटों और एक बेटी में गुरुप्रीत सबसे छोटा था।
फांसी लगाने के लिए खरीदा कपड़ा
परिजनों का मानना है कि गुरुप्रीत ने गले में फंदा डालने के लिए कपड़ा रास्ते में कही से खरीदा होगा। महंगा मोबाइल उसकी जेब से मिला। बाइक मौके पर शव के पास खड़ी थी। उसने यह कदम उठाने से पहले बाइक का लॉक लगाया और चाबी अपनी जेब में डाल ली। परिजनों का कहना है कि गुरुप्रीत खुश मिजाज था और किसी से रंजिश नहीं थी।