इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी शाहपुर संजय भारती ने बाजार से छात्र को किताबें और ड्रैस दिलाई थीं। डिप्टी डायरेक्टर ने छात्र के पिता इरशाद को कुछ दिन आने-जाने की व्यवस्था करने की बात कही थी। जिसके चलते सोमवार सुबह सात बजे इरशाद अपने बेटे को बाइक पर सवार होकर शारदेन स्कूल में पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह अब दोपहर को छुट्टी होने पर बेटे को लेने के लिए स्कूल में जाएंगे।
यह था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया। वीडियो के वायरल होते ही प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार करने की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर अब एफआईआर दर्ज हो गई है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसका सुनवाई 11 दिसंबर को होगी।
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