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रात में हैवान बने दिन के देवता : भरोसा कर संचालक के साथ भेजी थीं 17 छात्राएं, स्कूल में मिलीं बेहोश, पुलिस दबाती रही मामला

Mon, 06 Dec 2021 11:35 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 17 छात्राओं को रात में स्कूल में रोककर छेड़छाड़ करने के मामले ने शिक्षण संस्थान की व्यवस्था और शिक्षकों की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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विस्तार
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जिन शिक्षकों को देवता समझकर दिन हंसी-खुशी से बीता था, वह रात में हैवान बन गए। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुरकाजी के एक स्कूल की छात्राओं से छेड़छाड़ और बदसलूकी की गई। बेटियां बेहोशी की हालत में थी। पुलिस मामला दबाती रही, लेकिन आखिरकार मुकदमा दर्ज हो गया।

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दसवीं की छात्राओं को सीबीएसई की प्रयोगात्मक परीक्षाओं के बहाने ले जाया गया था। कोई महिला टीचर साथ नहीं थी। अभिभावकों ने भी शिक्षकों पर भरोसा किया था। सवाल यह है कि अगर छात्राएं अकेली थीं, तो उन्हें रात में क्यों रोका गया। आखिर इतनी देर क्यों की गई कि रात में रोकना पड़े। स्कूल बस या किराए की गाड़ी से भी छात्राओं को वापस ले जाया जा सकता था। रात में छात्राओं को रोकना स्कूल संचालकों की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि दिन में जिन्हें देवता समझा था, रात के समय वह हैवान बन गए।

छात्राओं की बनाई खिचड़ी को फेंक दिया था
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पहले छात्राओं ने खिचड़ी बनाई थी, लेकिन स्कूल संचालकों ने इसे बेहद खराब बताते हुए छत पर फेंक दिया था। इसके बाद शिक्षकों ने खुद खिचड़ी बनाई, जिसके बाद छात्राएं बेहोशी की हालत में पहुंच गई। अभिभावक का आरोप है कि संचालकों ने जो खिचड़ी बनाई, उसमें नशीला पदार्थ मिलाया गया था।

यह भी पढ़ें : मुजफ्फरनगर: रात में 17 छात्राओं को स्कूल में रोककर छेड़छाड़, 17 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज, एसओ लाइन हाजिर

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परीक्षा थी तो छात्र क्यों नहीं ले जाए गए
सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर हिंदी की प्रयोगात्मक परीक्षा थी तो छात्र क्यों नहीं ले जाए गए। दसवीं की कक्षा में 17 छात्राओं के अलावा करीब 15 छात्र भी हैं, लेकिन उन्हें नहीं ले जाया गया।

मान्यता पर सवाल, जांच की मांग
दोनों स्कूलों को सीबीएसई से आठवीं तक ही मान्यता की बात सामने आई है। अभिभावकों का कहना है कि इसकी जांच होनी चाहिए। अगर मान्यता आठवीं तक है तो कैसे 10वीं और 12वीं के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।

डीआईओएस बोले, शर्मनाक हरकत
जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र कुमार ने कहा कि अगर ऐसा है तो बेहद शर्मनाक हरकत की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी तक अभिभावकों ने उन्हें इस विषय में कोई शिकायत नहीं की है। दोनों स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं।

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प्रभारी निरीक्षक को किया लाइन हाजिर 
छात्राओं द्वारा घटना की जानकारी अपने परिजनों को देने पर मामला गरमा गया था। पुरकाजी पुलिस ने शुक्रवार को एक स्कूल संचालक को थाने लाकर पूछताछ कर वापस भेज दिया था। जिसकी शिकायत कुछ लोगों द्वारा शनिवार को पुरकाजी विधायक प्रमोद उटवाल से की गई थी, जिसकी जानकारी विधायक ने एसएसपी को दी थी। जिस पर एसएसपी ने रविवार को पुरकाजी प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया था।

दो परिवारों ने दिखाई हिम्मत, एसपी सिटी ने दिखाई सख्ती
पुरकाजी थाने पहुंचे दो छात्राओं के परिजनों ने छेड़खानी के आरोप लगाए। छात्राओं के परिजनों ने आरोप लगाया कि रात्री में स्कूल में खाने में बनाई गई खिचड़ी में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर छात्राओं को खिलाया गया था। जिसे खाने के बाद छात्राओं के बेहोश हो जाने पर आरोपियों द्वारा छात्राओं से छेड़खानी की गई थी।

थाने पर मौजूद एसपी सिटी अर्पित विजय वर्गीय व एएसपी कृष्ण बिश्नोई ने परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली। एसपी सिटी के आदेश पर योगेश चौहान निवासी गांव महाराज नगर थाना भोपा व अर्जुन निवासी गांव तुगलकपुर कम्हेड़ा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

एक छात्रा ने शौचालय में गुजारी रात
थाने पहुंचे छात्राओं के परिजनों ने बताया कि एक छात्रा ने रात के समय खिचड़ी नहीं खाई थी। जिस पर वह छात्रा बेहोश नहीं हुई और छात्रा ने स्कूल के शौचालय में बैठकर पूरी रात गुजारी। आरोपियों द्वारा छात्रा को डराया धमकाया गया। धमकी दी गयी कि अगर घटना के बारे में किसी को बताया गया तो तुम्हें परीक्षा में फेल कर दिया जाएगा। इसके अलावा अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई।

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