रिपोर्ट में एक छात्रा के अभिभावक ने बताया गया कि योगेश छात्राओं को प्रयोगात्मक परीक्षा दिलाने के बहाने घर से लेकर आया था और देर हो जाने का बहाना बनाकर स्कूल में रोक लिया। रात में खिचड़ी में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया और उसके बाद छेड़खानी की गई। अगले दिन उन्हें डराया गया कि किसी को बताया तो उनके परिजनों की हत्या कर दी जाएगी। छात्राओं ने परिजनों को इसकी जानकारी दी और स्कूल जाना बंद कर दिया।
पुलिस ने प्रकरण में लीपापोती का काम किया है। आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों की छात्राओं को डराकर उत्पीड़न किया है। सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।- प्रमोद ऊंटवाल, विधायक पुरकाजी
मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। छात्राओं के परिजनों को बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। एक परिजन की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।-कृष्ण कुमार विश्नोई, एएसपी
पुलिस ने उल्टा स्कूल संचालक से ली थी तहरीर
इस मामले में भाजपा विधायक ने पहले एसओ और सीओ को फोन कर जानकारी दी थी। इसके बाद शनिवार को एक स्कूल संचालक को थाने बुलाया गया और उससे पूछताछ की गई। बाद में उससे एक पत्रकार के खिलाफ अफवाह फैलाकर ब्लैकमेल करने की तहरीर लेकर छोड़ दिया था। अभिभावकों से बात करने की कोशिश नहीं की गई।