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यूपी: कोर्ट ने की सुशील मूंछ की जमानत निरस्त, भोपा व सिविल लाइन थाने में दर्ज है गैंगस्टर के मामले

Thu, 03 Feb 2022 11:20 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर

सार

अपराधी सुशील मूंछ के दो मामलों में दाखिल की जमानत अर्जी गैंगस्टर कोर्ट ने गुरुवार को निरस्त कर दी। बताया गया कि दो अलग-अलग हत्या के अपराध में सिविल लाइन थाने के तत्कालीन एसओ भगवान शर्मा द्वारा गैंगस्टर का अभियोग पंजीकृत किया था।
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कुख्यात सुशील मूंछ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मुजफ्फरनगर में गैंगस्टर कोर्ट ने सुशील मूंछ की दो मामलों में दाखिल की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह व विशेष लोक अभियोजक दिनेश सिंह पुंडीर ने बताया कि सुशील मूंछ, कुंवरपाल व चंदन उर्फ सोनू पर वर्ष 2001 में दो अलग-अलग हत्या के अपराध में सिविल लाइन थाने के तत्कालीन एसओ भगवान शर्मा द्वारा गैंगस्टर का अभियोग पंजीकृत किया था।

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वर्ष 2003 में सुशील मूंछ सहित आठ अभियुक्तों राजीव, सुनील, अनिल, ब्रह्मपाल, उदयवीर, राजेंद्र व किशन द्वारा गिरोह बनाकर नकली शराब बनाने व अवैध शराब के होलोग्राम, ढक्क्न आदि भारी मात्रा में बरामदगी कर पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज की गई थी। हत्या व हत्या के प्रयास जैसे सात अभियोगों को दर्शाते हुए तत्कालीन एसओ भोपा सुरेंद्र तेवतिया ने गैंग चार्ट तैयार कर गैंगस्टर का अभियोग पंजीकृत कराया था। उक्त दोनों अभियोग गैंगस्टर कोर्ट में विचाराधीन हैं। उच्च न्यायालय से स्थगन के कारण अभियोग लंबित था। स्थगन समाप्त होने के बाद भी सुशील मूंछ अदालत में उपस्थित नहीं हुआ था।  

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न्यायालय द्वारा कुर्की वारंट जारी करने पर आठ नवंबर 2021 को सुशील मूंछ ने गैंगस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इन दोनों मामलों में जमानत अर्जी दाखिल की थी। अभियोजन की और से पैरवी कर सुशील मूंछ का लंबा आपराधिक इतिहास पेश किया गया। दोनों पक्षों की बहस के उपरांत गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश राधेश्याम यादव द्वारा गुरुवार को दोनों प्रकरणों में सुशील मूंछ की दाखिल जमानत अर्जी निरस्त कर दी। अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह व विशेष लोक अभियोजक दिनेश सिंह पुंडीर द्वारा कोर्ट में बहस की गई थी।

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