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राष्ट्रीय युवा दिवस: हौसलों से तरक्की का आसमान छू रहे युवा, नई पीढ़ी के लिए बन गए मिसाल

Tue, 12 Jan 2021 04:55 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मोहित मलिक और विनेश त्यागी - फोटो : अमर उजाला
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जीवन में कामयाबी पाने के लिए बुलंद इरादे हर मुश्किल को आसान बना देते हैं। बदलते परिवेश में युवा विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के आयाम छू रहे हैं। मेहनत, जज्बा और जोश के साथ उन्नति की ओर अग्रसर हो रहे युवा नई पीढ़ी के लिए मिसाल बन गए हैं।

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कामयाबी पाने के लिए आत्मविश्वास जरूरी
मुजफ्फरनगर में चरथावल के चौहट्टा निवासी किसान इमरान त्यागी का बेटा शाहनवाज कस्टम में ऑफिसर है। वह बुलंद इरादों से कॅरियर की ओर बढ़ते युवाओं के लिए मिसाल है। उसने कठिन परिस्थितियों में कस्बे में हिंदी मीडियम में पढ़ाई की। हाईस्कूल और इंटर में टॉपर रहा। कानपुर सरकारी कॉलेज में बीटेक किया। तीन साल केंद्र सरकार की नौकरी में बतौर अधिकारी रहा। इसके बाद वह वित्त मंत्रालय से जुड़े कस्टम विभाग में प्रिवेंटिव (निवारत) ऑफिसर बना। वो कहते हैं कामयाबी की किताब में असफलता शब्द को भूलना होगा। 

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हिम्मत नहीं हारे, डटे रहे
शहर के आदर्श कॉलोनी निवासी विनेश त्यागी व बबीता का बेटा आयुष शुरू से होनहार रहा। एनआईटी वारंगल में बीटेक में गोल्ड मेडल मिला। वहीं से एमएनसी में कैंपस चयन हो गया। जॉब के बाद कामयाबी की उड़ान भरने का जोश कम नहीं हुआ। आयुष ने कैट पास करने के बाद उच्च संस्थान एनआईटीआईई मुंबई से एमबीए की डिग्री हासिल की। आयुष का यहां पर भी एमएनसी में बड़े पैकेज पर प्लेंसमेंट हो गया। आयुष त्यागी कहते हैं कि कड़े संघर्ष से ही कामयाबी मिलती है। किसी का प्रयास व्यर्थ नहीं जाता।
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नेवी में कैप्टन बन गए मोहित
शहर के आनंदपुरी निवासी मोहित मलिक का नेवी में चयन हुआ। तरक्की के लिए मोहित का बुलंद इरादा रहा। मोहित बताते हैं कि कम उम्र में   उन्होंने कैप्टन का पद संभाला। वह कहते है कि एकाग्रता, दृढ़ इच्छा शक्ति और समर्पण के साथ युवा जीवन में बुलंदी तक पहुंच सकते हैं। व्यक्ति को उसकी मेहनत का परिणाम अवश्य ही मिलता है। उनके पिता नरेंद्र मलिक बैंक मैनेजर और माता प्रमोद कुमारी एक कॉलेज से प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।

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