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पलक झपकते ही कालूराम के कुनबे पर मौत का झपट्टा

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मुजफ्फरनगर : हबीबपुर गेट के पास हुए हादसे के बाद घायलों को एंबुलेंस से ले जाते हुए। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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पलक झपकते ही कालूराम के कुनबे पर मौत का झपट्टा
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तितावी (मुजफ्फरनगर)। पुत्रवधू का दरोगा बनने का सपना पूरा कराने के लिए परिवार ने हर संभव सहयोग दिया। उसकी तैयारी कराई और अब परीक्षा की घड़ी आई तो उसके साथ परिवार के चार सदस्य और भी जा रहे थे। पलक झपकते ही किसान कालूराम के भरे-पूरे परिवार पर मौत हादसा बनकर झपटी और दो बेटों की बहू और पोती हादसे में मौत हो गई, जबकि तीसरे बेटे देशपाल का लड़का सोनू जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। एक पड़ोसी युवक की हादसे में मौत हुई है। बुजुर्ग कालूराम के घर सन्नाटा पसरा है।
किसान कालूराम का बेटा देशपाल खेती करता है। बड़ा बेटा श्रीपाल सेना में कार्यरत है, जबकि छोटा बेटा सुरेश पंवार रेलवे में टीसी है। बेटे-बहू और पोते-पोतियों से भरे पूरे परिवार की जिंदगी चैन से गुजर रही थी। लेकिन शुक्रवार की सुबह वक्त ने जिंदगी भर का दर्द दे दिया। घर पर खड़ी ईको स्पोर्ट गाड़ी से पेपर दिलाना तय किया गया था। गाड़ी को चलाने के लिए सोनू को बुलाया गया। सोनू ने पड़ोसी युवक और अपने दोस्त विपिन को भी गाड़ी में बैठा लिया। परिवार हंसी-खुशी रवाना हुआ था। सोनू की बगल में दीपक बैठा था और उसकी दोनों चाची और भतीजी पीछे थे। हबीबपुर गेट के पास हुए हादसे से सोंहजनी जाटान में सन्नाटा पसर गया। हादसे के बाद कालूराम भी सदमे में है।
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रुबी के बेटों ने भी की थी जाने की जिद
हादसे में मारी गई रुबी के बेटे देव और दीपू ने भी साथ में जाने की जिद की थी। लेकिन दोनों को बाबा कालूराम के पास छोड़कर परिवार मेरठ चला गया। मां ने किसी तरह बच्चों को समझाया था।
सही दिशा की ओर मोड़ी थी गाड़ी
लोई सराय से आगे सोनू ने किसी वजह से गाड़ी को रॉंग साइड में लिया था। दुर्घटना से बचने के लिए समझदारी दिखाते हुए वह गाड़ी को सही दिशा में ले जाने के लिए कट से निकालने लगा, लेकिन इसी दौरान तेजी से आए ट्रक ने कार में टक्कर मार दी।
मदद के लिए दौड़े आसपास के लोग
हादसे के बाद आसपास के लोग पीड़ित परिवार की मदद के लिए दौड़े। दुपहिया वाहन चालकों ने भी अपने वाहन रोक लिए। पुलिस भी मदद के लिए पहुंची। लेकिन तब तक तीन लोगों की जान जा चुकी थी।
काल बन रहे हाईवे पर खुले कट
बुढ़ाना। मेरठ-करनाल हाईवे पर निर्माण के दौरान जगह-जगह कट खोल दिए गए हैं। निर्माण सामग्री लाने और ले जाने के लिए इन कट का प्रयोग किया जाता है। वाहन चालक भी जल्दी के चक्कर में इनका प्रयोग करते हैं। इसी वजह से हादसा हुआ। शामली से लेकर मेरठ तक निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। फुगाना, गढ़ी सखावत, बायवाला पर फ्लाईओवर का निर्माण भी चल रहा है। शामली और मेरठ के बीच हाईवे पर कट खुले हुए हैं, जिनमें आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों ने कई बार पुलिस-प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
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जिसने हादसा देखा, मुंह को आ गया कलेजा
हाईवे पर जिसने भी हादसा देखा वह कांप उठा। पलभर में जोर की टक्कर के साथ कार का अगला हिस्सा पूरी तरह अंदर समा गया।
इस तरह कार में सवार हुआ कुनबा
- मनीता अपनी एक साल की बेटी के साथ दरोगा भर्ती की परीक्षा देने जा रही थी।
- जेठानी रुबी को परीक्षा के दौरान मनीता की बेटी वंशिका का ख्याल रखना था।
- रुबी-मनीता का भतीजा सोनू पुत्र देशपाल घर की गाड़ी को चला रहा था।
- पड़ोसी दीपक की सोनू से दोस्ती थी। दोस्ती में वह भी साथ चल दिया था।

मुजफ्फरनगर : हबीबपुर गेट के पास हुए हादसे में क्षतिग्रस्त कार।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

मुजफ्फरनगर : हबीबपुर गेट के पास हुए हादसे में क्षतिग्रस्त कार।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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