बताया गया कि 2017 में मेरठ के मवाना के गांव मीवा निवासी आकांक्षा उर्फ पूजा से उसकी शादी हुई थी, दोनों के दो बच्चे हैं। पूजा उसके परिजनों से अभद्र व्यवहार कर एकांत में रहकर फोन पर बातों में लगी रहती थी। पूछने पर विवाद करती थी। वह 34 दिन की छुट्टी आया था। दो अप्रैल को छुट्टी खत्म हो रही थी। पत्नी को हार्ट अटैक का बहाना बनाकर छुट्टी बढ़वा ली थी। दो अप्रैल को वह पूजा को उसके मायके वालों से मिलाने ले गया, वहां उसने पूजा को एक व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा। शाम को घर वापस आने पर पूजा ने बताया कि वह उस लड़के से बचपन से प्यार करती है। जबकि घर वालों ने तुम्हारे साथ शादी कर दी।
घर में की हत्या, हादसा दिखाने के लिए झाड़ियों में फेंका शव
एसपी देहात ने बताया कि मनोज ने पत्नी के बारे में अपने माता-पिता व चाचा बाबूराम को जानकारी देकर पूजा की हत्या की योजना बनाई। पूजा रात में उठी तो मनोज ने कपड़े धोने वाली थपकी से सिर में वार कर उसे घायल कर दिया। खून बाहर न निकले इसलिए पूजा के सिर पर चुन्नी व कपड़े लपेट दिए। मौत होने पर मनोज ने शव को बाइक पर बीच में रखा और चाचा बाबूराम शव को पकड़ कर बैठ गए।
बीआईटी वाली रोड पर शव को झाड़ियों के किनारे डाल दिया। मनोज ने फोन कर अपने बहनोई लवकुश को बताया कि उनका एक्सीडेंट हो गया है। जल्द अपनी गाड़ी लेकर आ जाओ। शव को वहीं पर छोड़ कर मनोज और बाबूराम गांव गए और ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचे। हादसे का रूप देने के लिए पूजा के सिर पर ट्रैक्टर का पहिया चढ़ाया। ट्रैक्टर से मोटर साइकिल को क्षतिग्रस्त किया। वहां पूजा की चूड़ियों के टुकड़े डाल दिए। ट्रैक्टर को वापस घर छोड़ दिया। इतनी देर में लवकुश गाड़ी लेकर पहुंच गया तब पूजा के शव को पीछे की सीट पर रखकर चल दिए।
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