जानसठ। क्षेत्र के गांव खलवाड़ा निवासी सुबोध की मौत का मामला पुलिस के लिए सिरदर्द बन चला है। मृतक की पत्नी ने रविवार को मायके पक्ष के लोगों के साथ कोतवाली पहुंच कर अपने देवर व ससुर पर पति की हत्या करने का आरोप लगाया है। उधर, पुलिस सुबोध की मौत का कारण मारपीट होना नहीं मान रही है।
खलवाड़ा निवासी सुबोध की मौत आठ अप्रैल को मेरठ में उपचार के दौरान हुई है। इस मामले में सुबोध की पत्नी शर्मिला अपने परिजनों के साथ रविवार को कोतवाली पहुंची। शर्मिला ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसके पति सुबोध (40) पुत्र ओमप्रकाश का अपने पिता ओमप्रकाश व छोटे भाई सुदीप के साथ बंटवारे को लेकर काफी दिनों से विवाद चला आ रहा था। जिसको लेकर घर में तनातनी रहती थी। पांच अप्रैल को मेरठ के थाना इंचोली के गांव देदवा निवासी उसका भाई राजकुमार पुत्र महावीर उसके घर खलवाड़ा में आया हुआ था। उस दिन बंटवारे को लेकर ससुर ओमप्रकाश व देवर सुदीप ने लाठी-डंडों से उसके पति सुबोध पर हमला कर दिया। सिर में डंडा लगने से सुबोध गंभीर रूप से घायल हो गया। सुबोध के घायल होने पर ससुर व देवर मौके से फरार हो गए थे।
घायल सुबोध को उसकी पत्नी शर्मिला ने मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया। 8 अप्रैल को इलाज के दौरान सुबोध की मृत्यु हो गई। सुबोध की मृत्यु की खबर मृतक की पत्नी शर्मिला ने पुलिस को दी थी। पुलिस ने सुबोध के शव का मेरठ मेडिकल में पोस्टमार्टम कराया था। पीड़िता महिला ने ससुर व देवर को मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस ने पीड़िता महिला व उसके मायके वालों को जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सुबोध को सीढ़ियों से गिरने पर चोट लगी थी। उसे मेरठ में उपचार दिलाया गया। उसके एक अंग ने काम करना बंद कर दिया था। वहां उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मारपीट नहीं आई है -शकील अहमद, सीओ जानसठ।