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भाकियू ने झोंकी ताकत: किसान महापंचायत तय करेगी आंदोलन का भविष्य, चार राज्यों से जुटेंगे लाखों किसान 

Sat, 28 Aug 2021 05:17 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर/शामली

सार

किसानों की राजधानी मानी जानी वाली सिसौली में ही भाकियू का मुख्यालय है। महापंचायत की जिम्मेदारी भाकियू ने संभाल रखी है।
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शामली में भाकियू युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगामी पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान महापंचायत के लिए भाकियू ने पूरी ताकत झोंक दी है। संगठन नेता प्रतिदिन एक दर्जन गांवों में पहुंचकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं। युवा भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत और राकेश टिकैत के बेटे चरण सिंह टिकैत भी किसानों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने का आह्वान कर रहे हैं। 

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तीन कृषि कानूनों के विरोध में नौ महीने से दिल्ली बॉर्डर पर डेरा डालकर बैठे किसानों की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत का एलान किया हुआ है। इसे एतिहासिक बनाने के लिए मोर्चा यूपी, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और उत्तराखंड राज्यों में पूूरी मेहनत कर रहा है। 

मोर्चा नेताओं का दावा है कि महापंचायत में लाखों किसानों की भीड़ उमड़ेगी। किसानों की राजधानी मानी जानी वाली सिसौली में ही भाकियू का मुख्यालय है। महापंचायत की जिम्मेदारी भाकियू ने संभाल रखी है। इस कड़ी में दौराला ब्लॉक के गांव इकलौता और धंजू आदि में किसानों की बैठक हुई। शुक्रवार और शनिवार को भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने महापंचायत में किसानों से ज्यादा से ज्यादा पहुंचने की की अपील की।
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इसमें किसानों से अधिक से अधिक संख्या में महापंचायत में चलने का आह्वान किया। संगठन नेता संजय दौरालिया ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में नौ माह से किसान बॉर्डर पर बैठे हैं। इसके बाद भी केंद्र सरकार कानूनों को न तो वापस ले रही है और न ही एमएसपी गारंटी को कानूनी जामा पहना रही है। इससे देश के किसान आक्रोशित हैं। महापंचायत में आगामी कार्यक्रमों का एलान किया जाएगा।

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naresh tikait - फोटो : अमर उजाला
महापंचायत में आओगे ठीक है, वरना कोई बात नहीं...  
पांच सितंबर की मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए गुरुवार को चौधरी नरेश टिकैत गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक को मनाने के लिए लिसाढ़ गांव में पहुंचे थे। उनसे मुलाकात कर टिकैत ने कहा कि पांच सितंबर की किसान महापंचायत में आओगे ठीक है, नहीं आओगे, कोई बात नहीं, मगर पांच सितंबर की मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत का विरोध मत करना। वहीं राजेंद्र सिंह मलिक का कहना है कि वह किसान महापंचायत का विरोध नहीं करेेंगे, लेकिन वह पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर नहीं जाएंगे। 

40 मिनट की मुलाकात में दो खाप चौधरियों ने आपस के गिले-शिकवे दूर करने पर चर्चा की। चौधरी राजेंद्र मलिक ने बताया कि सिसौली में भाजपा विधायक उमेश मलिक की कार के ऊपर हमले के बाद दोनो पक्षों में फैसला करने के लिए चौधरी नरेश टिकैत से अनुरोध किया था। टिकैत ने मध्यस्था करने वाले कुछ लोगों से उन्हें कहला वाया था कि वह लिसाढ़ आना चाहते हैं।

लिसाढ़ पहुंचकर चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि वह बुलावे पर लिसाढ़ पहुंचे हैं। पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में महापंचायत में भारी संख्या में शामिल होने का अनुरोध किया। राजेंद्र सिंह मलिक का कहना है कि वह पांच सितंबर की किसान महापंचायत का विरोध नहीं करेेंगे। मगर वह पांच सितंबर की महापंचायत में मुजफ्फरनगर नहीं जाएंगे। नरेश टिकैत ने कहा कि गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह मलिक के चाचा देवी सिंह के निधन पर गांव गए थे।

गाजीपुर बॉर्डर के लिए चरण सिंह से जिम्मेदारी वापस ली
गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक ने बताया कि लिसाढ़ गांव से गाजीपुर बॉर्डर पर चौधरी चरण सिंह को गठवाला खाप की जिम्मेदारी देकर भेजा था। चौधरी चरण सिंह परिवार का है। अब वह जिम्मेदारी चौधरी चरण सिंह से लेकर अपने आप खुद निभाएंगे।
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