इसी साल जुलाई माह में भी भारत ने एशियाई चैंपियनशिप में भी ईरान को हराया था। जीत के बाद बालियान ने कहा कि टीम ने एकजुटता के साथ सधा हुआ प्रदर्शन किया। लक्ष्य से भटके नहीं और धैर्य के साथ गोल्ड मेडल जीता। इसके लिए टीम इंडिया ने कड़ी मेहनत की थी। खिलाड़ियों का प्रयास रंग लाया।
मुंडभर में छा गईं स्वर्णिम खुशियां
एशियाड में भारतीय टीम के कबड्डी में गोल्ड जीतने पर सिसौली क्षेत्र के गांव मुंडभर में खुशियां की महक है। राष्ट्रीय टीम कोच एवं अर्जुन अवार्डी संजीव कुमार के स्वजनों और मित्रों ने टीवी पर रोमांचक फाइनल का लाइव प्रसारण देखा। संजीव की वृद्ध माता राजकली ने कहा कि बेटे की मेहनत और सलाह टीम के काम आई। देश के लिए गोल्ड जीतना बड़ी बात है। भाई राजपाल सिंह, सोमपाल सिंह ने कहा कि संजीव देश के सफल कोच साबित हुए है। एशियाड से पहले उनकी कोचिंग में भारत की जूनियर कबड्डी टीम ने वर्ल्ड कप जीता था। बालियान इन दिनों परिवार के साथ गाजियाबाद के गोविंदपुरम में रह रहे हैं।
अर्जुन के बसेड़ा में छाईं खुशियां
बसेड़ा गांव के कबड्डी खिलाड़ी अर्जुन देशवाल ने खूब चमक बिखेरी। गांव बसेड़ा निवासी कोच मास्टर धर्मेंद्र देशवाल के सानिध्य में अर्जुन देशवाल ने खेल की महारत हासिल की। पिता चरण सिंह देशवाल उर्फ लाला पेशे से किसान है। माता सीमा देवी ग्रहणी है। छोटा भाई आर्यन उर्फ शैंकी जो पिता के साथ खेती-बाड़ी में हाथ बंटाता है। अर्जुन ने टीम को फाइनल तक पहुंचाने में खास भूमिका निभाई। पूरे टूर्नामेंट में अर्जुन ने शानदार खेल दिखाया।
कोच संजीव बालियान कहते हैं कि अर्जुन लाजवाब खिलाड़ी है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष प्रदीप देशवाल, चौधरी जोरावर सिंह, मास्टर धर्मवीर सिंह, प्रधान प्रवेंद्र देशवाल, विक्रांत देशवाल, रविंद्र सिंह, महिपाल सिंह, सुमित राठी, प्रियव्रत, अमित कुमार ने खुशी मनाई। जिला कबड्डी अध्यक्ष अशोक बालियान व सचिव रामपाल सिंह ने खुशी जताई।
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