टीकाकरण को लेकर बच्चों के बीच भय और भ्रम को परिवार के लोग दूर कर रहे हैं। मुजफ्फरनगर में किसी को दादा, किसी को मम्मी-पापा तो किसी को भाई टीकाकरण केंद्रों पर लेकर पहुंचे और पहली वैक्सीन लगवाई। बच्चे टीकाकरण के बाद खुशी-खुशी अपने घर लौट गए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुढ़ाना पर शनिवार को बच्चों की आवाजाही रही। कसबे के महेश जैन अपनी पोती अंशिका जैन को लेकर पहुंचे। स्वास्थ्य कर्मी ने टीका लगाया। महेश जैन का कहना है कि बच्चों में शुरूआत घबराहट होती है। किसी को सुईं से डर लगता है। पोती को घर पर ही बताया था कि टीका एक सुरक्षा चक्र है। इससे किसी तरह का खतरा नहीं है। खुशी-खुशी वह टीका लगवाने के लिए राजी हो गई।
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व्यापारी प्रवीण संगल अपने बेटे देव संगल और भांजी रिया अग्रवाल को लेकर पहुंचे। व्यापारी ने बताया कि टीकाकरण की वजह से देश तीसरी लहर से बच गया। यही बता बच्चों को समझाई गई है। यह भी बताया कि टीका लगवाने के कोई नुकसान नहीं है, बल्कि इम्यूनिटी बढ़ती है। इसके बाद दोनों बच्चे भी उत्साहित हुए और टीकाकरण कराने के लिए पहुंच गए।
बोर्ड परीक्षा की वजह से थी झिझक
मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में कक्षा 10 का छात्र आयुष पाल टीकाकरण कराने पहुंचे। साथ आए उसके भाई आर्यन ने बताया कि पहले बोर्ड परीक्षा की वजह से हिचकिचाहट थी, लेकिन भाई को समझाया कि टीक से कोई नुकसान नहीं है, बल्कि यह इम्यूनिटी बढ़ाता है। आठवीं के अर्णव त्यागी और शारदेन स्कूल की प्राची मित्तल भी अभिभावकों के साथ केंद्र पर पहुंची।
2167 बच्चों को लगवाया गया टीका
शनिवार को जिले के 11 केंद्रों पर 2167 बच्चों का टीकाकरण किया गया। सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि अभिभावकों की जागरूकता की वजह से टीकाकरण तेज हुआ है।