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दो टीमें करेंगी खाद्यान्न वितरण की जांच

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मुजफ्फरनगर। जिले की तीन तहसीलों में राशन में नमक, रिफाइंड, चने का दो माह से वितरण नहीं होने का मामला सामने आने के बाद जांच शुरू हो गई। डीएम के प्रत्येक गांव के वितरण की जांच के आदेश के बाद लेखपाल और पंचायत सचिव ग्रामीणों के बीच पहुंचना शुरू हो गए है। डीएम ने कहा कि निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
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जिले में रिफाइंड, चना और नमक के वितरण में गड़बड़ी की शिकायत शासन से की गई है। बुढ़ाना तहसील में ऐसे गांव भी सामने आ रहे हैं, जिनमें गेहूं-चावल तक का वितरण भी नहीं हुआ है। राशन वितरण सरकार की महत्वपूर्ण योजना है।
डीएम सीबी सिंह ने सीडीओ आलोक यादव को जांच सौंप दी है। तीनो तहसीलों के प्रत्येक गांव में जांच के आदेश दिए गए हैं। जिले के सभी लेखपालों और ग्राम विकास अधिाकारियों से सीधे रिपोर्ट मांगी गई है। गांवों में पहुंचकर इन लोगों ने जांच शुरू कर दी है।
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बुढाना, सदर का एक ही इंस्पेक्टर
जिले में बुढ़ाना और सदर तहसील की शिकायत हुई है। दोनों तहसीलों का चार्ज एक ही इंस्पेक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह के पास है।
डिप्टी आरएमओ पर डीएसओ का चार्ज
जिले में इस समय कोई जिला पूर्ति अधिकारी नहीं है। निवर्तमान डीएसओ बीके शुक्ला के जेल जाने के बाद डीएम ने यह चार्ज डिप्टी आरएमओ कमलेश सिंह को दे दिया। बीते चार माह से यही डीएसओ का कार्य देख रहे हैं।
राशन लेकर शिकायत कर्ताओं के घर पहुंचे डीलर
जिन लोगों ने रिफाइंड, चना, नमक नहीं मिलने की शिकायत की है, पूर्ति विभाग के कर्मचारी और डीलर कुछ लोगों के घर पहुंच गए। उपभोक्ताओं से कहा कि उन्हें परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
जिले की तीन तहसीलों के गांवों में राशन वितरण में धांधली सामने आने के बाद पूर्ति विभाग सुबह ही सक्रिय हो गया। गांव पलडी, काकड़ा, बसी में सुबह नौ बजे तक उन सभी के घर राशन पहुंच गया, जिन्होंने नहीं मिलने की शिकायत की थी। पूर्ति विभाग के कर्मचारी और डीलर इन लोगों से शपथ पत्र भी लिखवा रहे हैं कि उन्हें सामान मिल गया है। जिन गांवों से शिकायत सामने आई उन गांवों के राशन डीलर पर अचानक चना, नमक और रिफाइंड भी पहुंचा दिया गया है।
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