देवबंद। दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि मुकद्दस रमजान माह रहमतों और बरकतों वाला है। इस माह में अल्लाह बंदों के लिए रहमत और बरकतों के दरवाजे खोल देता है।
रविवार को मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि रमजान का महीना अल्लाह ने अपने बंदों के लिए बहुत बड़ा तोहफा बनाकर भेजा है। इस माह को पूरे साल का सरदार कहा गया है। इसमें अल्लाह बंदों को अपनी खास रहमतों और बरकतों से नवाजता है। उन्होंने कुरआन पाक पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुरआन पाक जैसी दूसरी कोई आसमानी किताब न है और न ही कभी होगी। कुरआन में जिस चीज को हजारों साल पहले बता दिया गया वह आज सच साबित होकर पूरी दुनिया के सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म सबको अमन का पैगाम देने का संदेश देता है। वहीं, सही रास्ते पर चलना सिखाता है। इसलिए सभी लोगों को चाहिए कि वे बच्चों को कुरआन हाफिज जरूर बनाएं।