मुरादाबाद। निर्यात फर्म के सुपरवाइजर जालेेंद्र हत्याकांड की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। मुख्य आरोपी राजीव कुमार के कारनामे सामने आ रहे हैं। अब जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपने दोस्त जालेंद्र और अपने साले शैलेश की बीमा पॉलिसी में इनकी पत्नियों को नॉमिनी नहीं बनाया था, बल्कि जालेंद्र की मां और शैलेश के पिता को नॉमिनी बनाया था। इतना ही नहीं आरोपी ने पॉलिसी फाइल में अपना ही मोबाइल नंबर और पता दिया था, जिससे बीमा कंपनी से आने वाली सारी जानकारियां उसके पास आ सके।
पाकबड़ा थानाक्षेत्र में डींगरपुर रोड पर आठ सितंबर की रात निर्यात फैक्टरी के सुपरवाइजर जालेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड को बीमे के एक करोड़ 66 लाख रुपये की धनराशि हड़पने के लिए अंजाम दिया गया था। इस हत्याकांड की साजिश भी सुपरवाइजर के दोस्त असमोली निवासी राजीव कुमार ने रची थी। आरोपी राजीव ने अमरोहा जनपद के नौगावां सादात थानाक्षेत्र के कूड़े माफी गांव निवासी दो सगे भाई वीर सिंह उर्फ बिट्टू व पुष्पेंद्र और राजीव चौहान निवासी ताहरपुर थाना हसनपुर जनपद अमरोहा व इंद्रपाल उर्फ करन सिंह निवासी चकौरी थाना हसनपुर जनपद अमरोहा को शामिल किया था।
आरोपी राजीव ने जालेन्द्र सिंह के तीन अलग-अलग बीमे किए थे। जिसमें बीमा की धनराशि एक करोड़ 66 लाख रुपये थी। इस धनराशि को हड़पने के लिए उसने सुपरवाइजर की हत्या करने की योजना बनाई थी। पाकबड़ा थाना के प्रभारी योगेंद्र यादव ने बताया कि आरोपी राजीव ने जालेंद्र के परिवार के किसी भी सदस्यों को बीमा पॉलिसी की जानकारी नहीं दी थी। आरोपी ने जालेंद्र की मां को नॉमिनी बनाया था। ताकी वह उसके बूढ़ेपन का फायदा उठा सके। आरोपी की योजना थी कि जब सब कुछ शांत हो जाएगा तो वह जालेंद्र की मां को किसी सरकारी योजना का लाभ दिलाने के बहाने बीमा कंपनी के दफ्तर ले जाएगा और क्लेम की फाइल पास करा लेगा। इसके अलावा चैक पर अंगूठा या हस्ताक्षर कराकर मां के खाते से रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर लेगा।
आरोपी ने इसी अंजाम में चार साल पहले अपने साले की हत्या कर बीमे की रकम हड़प ली थी। उस मामले में भी आरोपी ने शैलेश की पत्नी को नॉमिनी न बताकर बूढ़े पिता को नॉमिनी बनाया था। यहां भी आरोपी ने बड़ी चालाकी से बीमे की रकम निकालकर अपने खाते में ट्रांस्फर कर ली थी। अमरोहा पुलिस ने हत्याकांड की तफ्तीश की तो आरोपी का कारनामा सामने आया था।