मुरादाबाद। डिलारी थानाक्षेत्र में फल विक्रेता को पुलिस कर्मियों द्वारा थर्ड डिग्री देने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि पुलिस कर्मी सोमवार सुबह उसे नाखनूका चौराहे से उठाकर ले गए और गन्ने के खेत में बंधक बनाकर तीन घंटे तक पीटा। इसके बाद डिलारी थाने ले जाकर उसे एक कमरे में बंद कर लिया और फिर से पिटाई की गई। परिजनों ने थाने पर धरना देने की धमकी दी तो युवक को छोड़ दिया गया।
डिलारी के नाखूनका गांव निवासी आसिम (32) चौराहे पर फल का ठेला लगाता है। आसिम ने बताया कि सोमवार सुबह दस बजे वह ठेले पर फल बेच रहा था। इसी दौरान वहां जलालपुर पुलिस चौकी के सिपाही पहुंच गए और वह आसिम को वहां से उठाकर ले गए। आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने उसे गन्ने के खेत में तीन घंटे तक बंद कर बनाकर पीटा। पीड़ित ने बताया कि इसके बाद पुलिस कर्मी उससे कहा कि वह अब वह अपने घर चला जाए, मगर आसिम से चला नहीं गया। उसके पैरों और शरीर पर जख्म हो चुका था। इसके बाद पुलिस कर्मी उसे गन्ने के खेत से एक कार में डालकर डिलारी थाने ले गए। आरोप है कि यहां उसे एक कमरे में बंधक बनाकर फिर से पीटा गया।
परिजन भी युवक की तलाश में जुटे थे। वह ठाकुरद्वारा में पूर्व विधायक विजय यादव के आवास पर पहुंच गए और उन्हें जानकारी दी। पूर्व विधायक ने बताया कि उन्होंने जलालपुर चौकी और डिलारी थाने में युवक के बारे में जानकारी मांगी, मगर कहीं से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने परिजनों के साथ थाने पर धरना देने की धमकी दी। तब पुलिस कर्मियों ने आसिम के परिजनों को डिलारी थाने बुला लिया। सोमवार रात आठ बजे आसिम को परिजनों को सौंप दिया।
परिजनों का कहना है कि वह थाने से कुछ ही दूर पहुंचे थे, फिर से पुलिस कर्मियों ने कॉल की और युवक को थाने लेकर आने को कहा, मगर परिजन वापस थाने नहीं गए। युवक की पीठ और शरीर के अन्य अंकों पर चोटों के निशान हैं।
सोमवार रात ग्यारह बजे पूर्व विधायक विजय यादव के साथ युवक और उसके परिजन ठाकुरद्वारा कोतवाली पहुुंचे और उन्होंने पुलिस कर्मियों की शिकायत की है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विद्या सागर मिश्र ने बताया कि इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है, अगर कोई शिकायत करता है तो जांच करा ली जाएगी।