नवरात्र के बाद एक सप्ताह में प्याज का रेट उपभोक्ताओं का आंसू निकालने लगा है। अब मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से प्याज ढाई गुना रेट पर मंगाया जा रहा है। इसी प्रकार खुदरा बाजार में भी बिक रहा है। एक किलो प्याज खरीदने वाले उपभोक्ता अब 500 ग्राम खरीदकर अपना काम निकाल रहे हैं। खुदरा बाजार में प्याज का रेट 40 की जगह 80 रुपये प्रति किलो तक हो गया है।
नवरात्र के पहले 10 ट्रक अर्थात 250 टन प्याज प्रतिदिन सब्जी मंडी के दस थोक व्यवसायी मंगाते थे। नवरात्र में प्याज का खपत कम हो गया। इस कारण व्यवसायियों ने प्याज कम मात्रा में मंगाना शुरू किया। नवरात्र के बाद मांग बढ़ी तो प्याज का भाव आसमान छूने लगा। पहले प्याज का थोक रेट 20 रुपये प्रति किलो था, लेकिन 15 अक्तूबर के बाद यह रेट बढ़कर 50 रुपये किलो हो गया।
मुरादाबाद मंडी के थोक व्यवसायी सोनू शर्मा का कहना है कि पहले दस ट्रक प्याज मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के नासिक से मंगाया जाता था, लेकिन अब पांच ट्रक प्याज ही आ रहा है। वहीं प्याज खुदरा बाजार में 75 और 80 रुपये प्रतिकिलो बेचा जा रही है।
ऐसे हुआ प्याज का रेट महंगा
थोक व्यवसायियों का कहना है कि तीन सालों से लगातार बड़े स्टाकिस्ट घाटा बर्दाश्त कर रहे थे। इस बार गुजरात, राजस्थान के स्टाकिस्टों ने घाटे के डर से प्याज पहले ही बेच दिया। इस कारण प्याज का रेट बाजार में बढ़ गया है। प्याज के दाम बढ़े तो ग्राहकों की खरीदारी घट गई।
खुदरा रेट हुआ दोगुना
एक सप्ताह के दौरान खुदरा बाजार में प्याज के कीमत में 50 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि महंगाई के चलते बिक्री आधी हो गई है। पहले 40 रुपये किलो प्याज बिकता था, अब उसका कीमत 80 रुपये किलो है।
तीन दिन से प्याज मंडी से ही नहीं ला रहा हूं। ग्राहक प्याज का दाम पूछ कर चले जा रहे हैं। प्याज के दाम ऊपर से ही महंगे हुए हैं। दुकानदार ग्राहकों को समझा रहे हैं।
-रजनीश शर्मा फुटकर दुकानदार
एक हफ्ते पहले प्याज 40 रुपये प्रति किलो मिल रहा था। प्याज के दाम बढ़ने से इसकी बिक्री में कमी आई है। लोग पुरानी प्याज की जगह हरा प्याज खरीद रहे हैं।
- रामचंद्र कुमार फुटकर विक्रेता
अचानक से प्याज की कीमत बढ़ने से ग्राहक दाम पूछने के बाद चौंक जा रहे हैं। कहते हैं कि एक सप्ताह पहले 40 रुपये में ले गए थे। अचानक 70 से 80 रुपये दाम बढ़ने से ग्राहक दो किलो की जगह आधा किलो प्याज खरीद रहे हैं।
-गुड्डू फुटकर विक्रेता