कलक्ट्रेट परिसर में 48 लाख रुपये की लागत से वन स्टॉप सेंटर के भवन का निर्माण किया जा रहा है। अब तक कार्यदायी संस्था को पचास प्रतिशत धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं से जुड़े मामलों में सुनवाई व कार्रवाई होगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी-जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि कलक्ट्रेट परिसर में 48 लाख 69 हजार रुपये की लागत से वन स्टॉप सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए शासन से पहली किस्त मिलने पर कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को बतौर पचास प्रतिशत धनराशि 24 लाख 34 हजार रुपये की धनराशि भी उपलब्ध भी करा दी गई है।
इस बीच कार्यदायी संस्था की ओर से वन स्टॉप सेंटर के भवन में कक्ष, रसोई व शौचालय आदि तैयार किया जा चुके हैं। अब दूसरी किस्त मिलने पर कार्यदायी संस्था को अवशेष धनराशि भी उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे वन स्टॉप सेंटर के कार्यालयों व दूसरे कक्षों में फर्नीचर समेत दूसरे उपकरण लगाए जाएंगे।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं से जुड़े मामलों व दूसरी कार्रवाई के लिए एक सेंटर मैनेजर/ प्रशासक समेत एक मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता, दो केस वर्कर (सामाजिक कार्यकर्ता) व तीन प्रशिक्षित पैरामेडिकल नर्स तैनात रहेंगी। यह सभी पद महिलाओं के लिए हैं। इसके अलावा एक कंप्यूटर आपरेटर सह क्लर्क रहेगा तथा एक महिला/ पुरुष की मल्टी परपज हेल्पर सह चौकीदार पद पर तैनाती रहेगी।
भवन निर्माण का कार्य पूरा होने व फर्नीचर व उपकरण मिलते ही वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं से जुड़े मामलों में सुनवाई व कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ करा दी जाएगी। फिलहाल वन स्टॉप सेंटर का कार्य कलक्ट्रेट परिसर में ही एक पुराने भवन में संचालित कराया जा रहा है।