मुरादाबाद। बारिश के बीच जिला कार्यालय पर आयोजित मासिक बैठक और स्वागत समारोह में सपाइ बड़ी संख्या में जुटे। समारोह में सपाइयों ने सरकार पर निशाना साधा। संभल सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि गरीब आदमी इस देश की दौलत है। अगर मैं देशद्रोही हूं तो मुझे फांसी पर लटकाओ। मैं हिंदुस्तान का सच्चा सिपाही हूं।
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि हालत किसी भी पल बदल सकते हैं। कुछ लोग हमें इस देश से मिटाना चाहते हैं। मुसलमानों ने फांसी के फंदे को चूमा है और इस देश को आजाद कराया हैं। मुसलमान इस देश का है, यहीं कुर्बान होगा। भाजपा नफरत फैलाना चाहती है। इस्लाम बताता है, जहां रहो उस वतन मोहब्बत करो। प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ पहले 60 प्रतिशत था, अब घटकर 24 प्रतिशत रह गया है। यूपी के हालात बदलेंगे। अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनेंगे।
जिलाध्यक्ष डीपी यादव ने कहा कि आने वाली सरकार अखिलेश यादव की होगी। किसी कार्यकर्ता का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। सांसद डॉ. एसटी हसन ने कहा कि हमें बूथों पर ध्यान देना होगा, भाजपा 20 प्रतिशत वोट कटवाने की साजिश रच रही है। भाजपा अगला चुनाव तालिबान के नाम पर लड़ेगी। समारोह को देहात विधायक हाजी इकराम कुरैशी, बिलारी विधायक मोहम्मद फहीम, ठाकुरद्वारा विधायक नवाब जान, महानगर अध्यक्ष शाने अली शानू ने भी संबोधित किया। इस दौरान पूर्व राज्यसभा सदस्य जावेद अली खां, कुंदरकी विधायक हाजी रिजवान, हाजी नासिर कुरैशी, हाजी यूसुफ अंसारी, अनीसुर्रहमान सैफी, जयवीर सिंह यादव, हाजी रईसउद्दीन नईमी, गुलजार अहमद, अतहर हुसैन अंसारी, राजेश कुमारी यादव, धर्मेंद्र यादव, तुंगीश यादव, जुगल किशोर वाल्मीकि, राजकुमार प्रजापति, फिरासत हुसैन गामा आदि मौजूद रहे।
फूल की माला और पगड़ी पहनाकर किया स्वगात
मुरादाबाद। मासिक बैठक और स्वागत समारोह में जिलाध्यक्ष डीपी यादव का सपा नेताओं ओर कार्यकर्ताओं ने माला, स्मृतिचिह्न, बुके, शॉल, पटके, पगड़ी देकर स्वागत किया।
‘एक सांसद, चार विधायक फिर भी नामांकन नहीं करा पाए, शर्मनाक है’
मुरादाबाद। मासिक बैठक और स्वागत समारोह में जिला पंचायत चुनाव का मुद्दा भी सामने आया। कार्यक्रम में पहुंचे वरिष्ठ सपा नेता और स्वतंत्रता सेनानी बाबर खां ने कहा कि वरिष्ठों का सम्मान होगा कि नहीं, मुझे बोलने का मौका मिलेगा। इसके बाद उन्हें माइक मिला। कहा कि एक सांसद, चार विधायक फिर भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन नहीं हो पाया। ये अफसोसजनक और शर्मनाक है। सांसद, विधायक अखिलेश यादव के नाम पर बने हैं।