पीड़ित परिवार ने 2015 में केस दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया था कि उनकी नाबालिग बेटी को ट्यूशन पढ़ाने वाला युवक अपने साथ भगाकर ले गया है। आरोपी पर दुष्कर्म करने का भी मामला दर्ज किया गया।
अदालत ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए बीस साल की कैद की सजा सुनाई है जबकि उस पर 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोपी छात्रा को उसके घर ट्यूशन पढ़ाने आता था बिलारी थाना क्षेत्र के गांव निवासी महिला ने 1 जुलाई 2015 को बिलारी थाने में केस दर्ज कराया था।
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जिसमें उसने बताया कि उसकी 16 वर्षीय बेटी दसवीं कक्षा में पढ़ती है। बेटी को संभल जनपद के हयातनगर थाना क्षेत्र के बसला की मढ़ैया निवासी अमरीश ट्यूशन पढ़ाने आता था। आरोपी महिला के गांव में ही अपनी बुआ के घर रह रहा था। 27 जून की शाम अमरीश महिला की बेटी को बहला-फुसलाकर कर अपने साथ ले गया था।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी और छात्रा की तलाश शुरू कर दी। दो दिन बाद बिलारी रेलवे-स्टेशन से किशोरी को बरामद किया गया था। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अमरीश उसे शादी करने के बहाने हिमाचल प्रदेश में अपने किसी रिश्तेदार के घर ले गया था, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
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इसके बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो कोर्ट तीन चंद्रविजय श्रीनेत की अदालत में की गई। विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार गुप्ता एवं अकरम खान ने बताया कि इस मामले में पीड़िता ने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए थे।
जिसने बताया कि आरोपी उससे शादी करना चाहता था और इसलिए वह उसे लेकर हिमाचल प्रदेश गया था। जिसके दो दिन बाद वापस बिलारी लेकर आया। इस बीच पुलिस ने उसे पकड़ लिया। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी अमरीश को घटना का दोषी करार देते हुए उसे बीस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।