प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान विकास कार्य के नाम पर मंडल में सबसे अधिक धन बिजनौर में खर्च किया गया। करीब पांच माह में वहां 71.18 करोड़ रुपये प्रशासकों ने खर्च कर दिए। यह धनराशि मुरादाबाद जिले में प्रशासकों द्वारा खर्च की गई धनराशि से करीब डेढ़ गुना से भी अधिक है। कमिश्नर इस मुद्दे पर शुरू से ही गंभीर हैं लिहाजा मुरादाबाद में प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान आनन-फानन खर्च की गई धनराशि की जांच शासन की टीम से कराए जाने के बाद मंडल के अन्य जिलों के पंचायतीराज महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है।
पंचायत चुनाव के दौरान पूर्व प्रधानों का कार्यकाल होने व नवनिर्वाचित प्रधानों के शपथ ग्रहण, समिति गठित होने तक (26 दिसंबर 2020 से 27 मई 2021 तक) ग्राम पंचायतों की बागडोर विकास खंड स्तर पर तैनात एडीओ (पंचायत) व ग्राम पंचायत स्तर पर तैनात ग्राम विकास अधिकारी/सचिव के हाथों में रहीं। करीब पांच माह के इस कार्यकाल में इन प्रशासकों ने आनन-फानन नियम कायदे ताक पर रख कर विकास के नाम पर जमकर धन खर्च किया। कहीं
बाजार मूल्य से दूने से अधिक दाम पर वाटर कूलरों की खरीद की गई तो कहीं फॉगिंग मशीन।
कहीं कागजों में हैंडपंप रीबोर दिखाकर धन की निकासी कर ली गई तो कहीं बिना प्रस्ताव व टेंडर के। यही नहीं कई मामलों में डीपीआरओ व डीएम से वित्तीय स्वीकृति न लेनी पड़े इस लिए 2.50 लाख और पांच लाख रुपये तक व उससे अधिक के कार्यों को टुकड़ों में दिखाने का भी खेल किया गया।
अमर उजाला की पड़ताल में इसका खुलासा होने के बाद कमिश्नर, डीएम व डीपीआरओ ने अपने स्तर से जांच कराई एक के बाद एक अनियमितताएं सामने आती गईं। इसका संज्ञान लेते हुए कमिश्नर ने करीब दो माह पहले ही मंडल के सभी जिलों से प्रशासकों के कार्यकाल की जांच करा रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। लेकिन मुरादाबाद समेत अन्य कई जिलों से इसकी गोलमोल जांच रिपोर्ट भेज दी थी। मुरादाबाद में गड़बड़ी का मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर पांच सदस्यीय टीम भेज कर दो विकास खंडों की 20 ग्राम पंचायतों की जांच कराई गई तो काफी कमियां टीम के सामने उजागर हो गईं।
मंडलायुक्त इस मामले को लेकर शुरू से ही गंभीर हैं लिहाजा माना जा रहा रहा है कि मंडल के अन्य जिलों में भी इस तर्ज पर जांच हो सकती है। इसकी वजह यह भी बताई जा रही है कि मंडल में सबसे अधिक धनराशि 71.18 करोड़ रुपये बिजनौर में खर्च हुए हैं। जबकि मुरादाबाद में 38.47 करोड़ रुपेय प्रशासकों के कार्यकाल में विकास के नाम पर खर्च किए गए। जो मुरादाबाद जिले के प्रशासकों द्वारा खर्च की गई धनराशि से डेढ़गुना से भी अधिक है।
प्रशासकों के कार्यकाल में धनराशि खर्च करने के मामले में संभल तीसरे, अमरोहा चौथे स्थान पर रहा। सबसे कम खर्च रामपुर जिले में प्रशासकों ने किया।
जिला ग्राम पंचायत खर्च धनराशि खर्च
धनराशि कुल
(26.12.20 से 31.03.21 तक) (01.04.21 से 27.05.21 तक)
बिजनौर 1128 407710108 304169947 711880056
मुरादाबाद 584 263146545 121626846 384773391
संभल 556 132818084 129041609 261859693
अमरोहा 601 118024037 26362743 144386780
रामपुर 684 18676891 100571565 119248456