मुरादाबाद के पीतल बाजार में खरीदारी करती महिला।
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मुरादाबाद। कोरोना की मार से एक साल से सुस्त बाजार को इस बार सामान्य हालातों ने संजीवनी दी है। बाजार में भीड़भाड़ देखकर कोरोना से पूर्व की रौनक याद आई। 2020 का सूना बाजार देख चुके व्यापारी भी अच्छी बिक्री से गदगद नजर आए। हालांकि 2019 के मुकाबले 2021 का बाजार कम ही रहा, लेकिन उससे पिछले वर्ष और विशेषकर 2020 के बाजार से 21 ही दिखाई दिया। 2019 के मुकाबले करीब 50 से 80 करोड़ कम का कारोबार शहर में हुआ। लेकिन 2020 के मुकाबले अनुमानित तौर पर जिले में इस बार 450 करोड़ से अधिक का कारोबार होने की संभावना है।
धनतेरस पर इस बार बाजार में अच्छी बिक्री देखने को मिली। हालांकि कई सामानों के बाजार उम्मीद के मुताबिक तेजी नहीं पकड़ पाए। लेकिन बर्तन और सराफा बाजार को उम्मीद से ज्यादा मिला। 2019 के मुकाबले इस साल भले ही खरीदारी कुछ कम रही। लेकिन एक साल तक कोरोना से नुकसान झेल चुका व्यापारी वर्ग इस धनतेरस को शुभ मान रहा है। 2020 में धनतेरस पर न तो बाजार में ग्राहक दिखाई दिए थे, न कारोबार। 2019 के मुकाबले 2020 में आधा कारोबार भी नहीं हुआ था। 2019 में 500 करोड़ का कारोबार हुआ था। जबकि 2020 में कोरोना के कारण बाजार मुश्किल से 200 करोड़ का आंकड़ा छू पाया था। यह भी स्थिति तब थी जब 2019 के मुकाबले सभी वस्तुओं पर दाम बढ़ गए थे।
2018 में मुरादाबाद में 150 करोड़ और 2017 में करीब सौ करोड़ का कारोबार धनतेरस पर हुआ था। इस लिहाज से उन वर्षों से चार गुना तक कारोबार हुआ है। व्यापारियों के मुताबिक इस बार ग्राहकों की संख्या पुराने वर्षों के मुकाबले कुछ कम लेकिन 2020 के मुकाबले अधिक थी। उसके बावजूद पिछले वर्षों से अधिक का कारोबार होने के पीछे उत्पादों पर बढ़ी महंगाई मुख्य कारण है। सोने-चांदी में जहां तेजी है। वहीं ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि उत्पादों पर भी पहले के मुकाबले दाम अधिक हैं। मंगलवार को देर रात तक बाजारों में खरीदारी होती रही।