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Moradabad: पेपर मिल में जर्जर इमारत का छज्जा गिरा, दबने से मजदूर की मौत, सात दिन पहले ही आया था काम करने

Fri, 17 May 2024 04:43 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

अगवानपुर जीनस पेपर मिल की कंडम इमारत का छज्जा भरभराकर गिर गया। इसके मलबे में दबकर मजदूर की जान चली गई। वह एक सप्ताह पहले ही मिल में काम करने आया था।
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दबने से जान गंवाने वाला बनवारी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के कांठ रोड स्थित अगवानपुर जीनस पेपर मिल की कंडम इमारत का बृहस्पतिवार को भरभराकर छज्जा गिर गया। जिसके मलबे में दबकर मजदूर बनवारी (29) की जान चली गई। वह एक सप्ताह पहले ही मिल में काम करने आया था। 10 वर्ष से यह इमारत कंडम घोषित है।

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इसके बावजूद इमारत में 50 लोग निवास कर रहे हैं।  जनपद संभल के कुढ़फतेहगढ़ के शाहबाजपुर गांव निवासी बनवारी (29) मजदूर था। परिवार में मां सोमवती और तीन भाई परमानंद,आंनद पाल और राजकुमार हैं। 

बनवारी 7 दिन पहले ही अगवानपुर पेपर मिल में मजदूरी करने के लिए आया था। ठेकेदार ने उसको मिल की कंडम इमारत में कमरा दिलवा दिया। वह अपने साथियों के साथ इसी इमारत में रह रहा था। बृहस्पतिवार की सुबह करीब 7 बजे बनवारी सोकर उठा और कमरे से बाहर निकल आया। 
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मिल में काम पर जाने से पहले बनवारी टहलता हुआ दूसरी तरफ चल गया। तभी जर्जर छज्जा भरभटाकर उसके ऊपर गिर गया। इसमें वह दब गया। तेज धमके की आवाज हुई तो अन्य कमरों के लोग भी बाहर निकल आए।उन्होंने देखा तो बनवारी लहूलुहान हालत में दबा पड़ा था।

और उसकी मौत हो चुकी है।उन्होंने तुरंत मिल के अफसरों को घटना की सूचना दी। अफसरों की सूचना पर चौकी इंचार्ज मेघराज सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। 

जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजन यहां पहुंचे। भाई राजकुमार के मुताबिक मिल का ठेकेदार पड़ोस के गांव के युवक के द्वारा संपर्क में आया था। परिजनों को जब मालूम हुआ कि इमारत कंडम थी तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने बनवारी की मौत का जिम्मेदार मिल के वरिष्ठ लोगों ओर ठेकेदार ठहराया।

जर्जर इमारत में लोग मिल अफसर बेखबर

जीनस पेपर मिल की दो इमारतें कंडम हैं। इन इमारतों में करीब 50 लोग रहते हैं। कम किराए के लालच में मजदूर जर्जर इमारत में कमरा ले लेते हैं जबकि मिल के अफसर और ठेकेदार की कार्यशैली संदिग्ध मानी जा रहीं है।

10 वर्ष से इमारत कंडम पड़ी है। इन इमारतों में रहने की अनुमति किसी को नहीं है।इसके बावजूद लोग यहां रह रहे हैं। इसकी जानकारी कंपनी में नहीं है। अब इन इमारतों को तुड़वा दिया जायेगा। - जय कुमार सिंह,जीनस पेपर मिल मैनेजर

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