सभी गवाहों ने आरोपी के पक्ष में दी गवाही
अदालत में सभी गवाहों ने आरोपी के हक में गवाही देकर आरोपी को बचाने का प्रयास किया। इसी दौरान उक्त मुकदमा पॉस्को कोर्ट संख्या 3 सुभाष सिंह की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां अदालत ने मामले की गंभीरता को देखा। विशेष लोक अभियोजक मोहम्मद अकरम खान ने पुनः परीक्षण के लिए पीड़ित को अदालत में बुलाने का प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर नाबालिग पीड़ित को फिर से बयानों के लिए अदालत में बुलाया गया।
पीड़िता के दोबारा बयान के बाद सुनाई सजा
पीठासीन अधिकारी सुभाष सिंह के सामने नाबालिग पीड़िता ने सारे राज खोल दिए और अदालत को सारी घटना से अवगत कराया। सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक मोहम्मद अकरम खान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एमपी सिंह ने मुकदमे में पक्ष द्रोही होने के बाद भी आरोपी चाचा को उसके द्वारा किए गए अपराध से अदालत को अवगत कराया। अदालत ने आरोपी चाचा को दुष्कर्म की घटना का दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास के साथ-साथ एक लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।