मुरादाबाद। मझोला के जयंतीपुर में गैस सिलिंडर फटने से लगी आग से जलकर जान गंवाने वाले पिता पुत्र के परिवार को एक साल बाद भी आर्थिक मुआवजा न मिलने से नाराज लोगों ने शुक्रवार को पीलीकोठी चौराहे पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत किया और उन्हें आंबेडकर पार्क में ले गए। यहां एससीएम प्रथम को ज्ञापन देकर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी बीस लाख रुपये की आर्थिक मदद की मांग की।
मझोला थानाक्षेत्र के जयंतीपुर निवासी देशराज सिंह के घर में 25 अप्रैल 2020 की सुबह करीब पांच बजे गैस सिलेंडर से आग लग गई थी। इस घटना में देशराज, उनकी पत्नी सुनीता, तीनों बच्चे गौरी, वंश तथा लक्ष्य झुलस गए थे। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान पहले बेटे लक्ष्य और आठ दिन बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान पिता देशराज की भी मौत हो गई थी। सरकार की ओर इस परिवार को कोई मदद नहीं मिल पाई। शुक्रवार को सुनीता अपने दोनों बच्चे गौरी व वंश और भाई सोमपाल, अनिल, सोनू, मां कलावती समेत अन्य परिजनों के साथ पीलीकोठी चौराहे पर पहुंच गइ।
यहां पूरा परिवार सड़क पर बैठ गया। जिससे सड़क पर दोनों और लंबा जाम लग गया। सूचना मिलने पर सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुंच गई और उन्हें हटाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार हटाने को तैयार नहीं हो पाया। इसके बाद एएसपी सागर जैन पुलिस भी मौके पर पहुंच गए। एएसपी उन्हें समझाकर आंबेडकर पार्क ले गए। यहां एसीएम प्रथम राजबहादुर सिंह ने पीड़ित परिवार की समस्या सुनी।
सोमपाल ने बताया कि उसकी बहन सुनीता तथा उसके बच्चे भूखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने सुनीता के लिए सरकारी नौकरी और बीस लाख रुपये की आर्थिक मदद की मांग की। एएसपी सागर जैन ने बताया कि कुछ लोगों ने जाम लगाया था। उन्हें समझाकर जाम खुलवा दिया था।