मुरादाबाद में मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में अदालत ने मुलजिम को दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट दोषी पर तीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
थाना नागफनी में पंद्रह वर्षीय पीड़ित के भाई ने छह अक्तूबर 2018 को केस दर्ज कराया था। इसमें शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसकी मानसिक रूप से कमजोर 15 वर्षीय बहन दोपहर करीब 12 बजे कहीं चली गई है। इस मामले में पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर लड़की की तलाश शुरू कर दी थी। 13 अक्तूबर को वादी की बहन शाम के वक्त अपने घर लौटी और बताया कि उसे रेलवे स्टेशन से वीर सेन सैनी अपने साथ ले गया था। जिसने अपने घर में रख कर उसके साथ दुष्कर्म किया।
प्रकरण की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट में हुई
पुलिस ने आरोपी भीमसेन सैनी को पकड़ लिया था। लड़की ने भी उसकी पहचान कर ली थी। तब पता चला कि आरोपी ने अपना नाम लड़की को गलत बताया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। प्रकरण की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन सुभाष सिंह की अदालत में की गई। जहां बचाव पक्ष की दलील थी कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसने किसी भी घटना को अंजाम नहीं दिया।
मामले में आठ गवाह भी प्रस्तुत किए गए
वहीं, सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए विशेष लोक अभियोजक मोहम्मद अकरम खान व एमपी सिंह ने दलील प्रस्तुत करते हुए कहा कि पीड़ित ने अदालत में आरोपी की शिनाख्त की है और सारी घटना को विस्तार से बताया है। इस मामले में अभियोजन की ओर से आठ गवाह भी प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने घटना की पुष्टि की थी।
अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी भीमसेन सैनी निवासी चाऊ की बस्ती थाना मझोला को दुष्कर्म की घटना का दोषी मानते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास के साथ उस पर तीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।