रामपुर। आजम खां के इस्तीफे के बाद रामपुर लोकसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव के लिए भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और पूर्व सांसद जयप्रदा में किसी एक को प्रत्याशी बनाए जानेे की चर्चा राजनीतिक गलियारों में थी। भाजपा ने इन चर्चाओं को दरकिनार करते हुए कुछ माह पूर्व पार्टी में शामिल हुए पूर्व एमएलसी घनश्याम लोधी पर दांव खेलकर राजनीति के पंडितों को चौंका दिया है। भाजपा के इस राजनीतिक दांव का जवाब विरोधी दलों के पास है या नहीं इसका पता को 26 जून को उप चुनाव का परिणाम आने पर चलेगा।
2019 के लोकसभा चुनाव में सपा नेता आजम खां ने भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा नाहटा को एक लाख से भी अधिक वोटों से हराया था। 2022 के विधानसभा चुनाव में रामपुर शहर सीट से दसवीं बार विधायक बनने के बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद सीट रिक्त हो गई। पिछले दिनों से चुनाव आयोग ने रामपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव का एलान किया था। जिसके तहत 30 मई से नामांकन प्रक्रिया चल रही थी। इस सीट पर भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी या पूर्व सांसद जयाप्रदा में किसी एक को प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा चल रही थी। नकवी को प्रत्याशी बनाए जाने की प्रबल संभावना इसलिए प्रतीत हो रही थी कि पार्टी ने उनको राज्यसभा का टिकट नहीं दिया है। इन सभी कयासों को दरकिनार करते हुए भाजपा ने शनिवार को पूर्व एमएलसी और कभी आजम खां के करीबी रहे घनश्याम सिंह लोधी के नाम का एलान कर दिया। उनके नाम की घोषणा होते ही भाजपा के स्थानीय नेता, उनके समर्थक आदि पार्टी के राम विहार स्थित कार्यालय पहुंच गए, जहां कार्यकर्ताओं ने लोधी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसे कायम रखेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से चुनाव में जीत हासिल करेंगे और रामपुर के रुके हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।