मुरादाबाद। गैंगस्टर एक्ट के आरोपी को अदालत ने 27 साल बाद दो साल के कठोर कारावास के साथ-साथ उस पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
संभल जनपद नखासा थाने में 18 सितंबर 1995 को तत्कालीन थाना प्रभारी विनोद कुमार शर्मा ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें असरार निवासी डेरा सराय जिला संभल को आरोपी बनाया गया था। जिसमें कहा था कि असरार ने अपना गैंग बनाकर समाज विरोधी गतिविधि शुरू कर दी थीं। जो लोगों को भयभीत करके उनसे गलत तरीके से धन लाभ प्राप्त करता है। जिसका समाज में इतना भय है कि कोई भी असरार के खिलाफ बयान नहीं देना चाहता। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज पंचम शैलेंद्र सचान की अदालत में की गई।
विशेष लोक अभियोजक राजीव कुमार त्यागी ने बताया कि जिस समय असरार को गिरफ्तार किया था। उस समय उसकी उम्र करीब 38 वर्ष रही थी। इस मामले में 27 साल बाद असरार के खिलाफ फैसला सुनाया गया है, अब उसकी आयु 65 साल है। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गैंगस्टर एक्ट में दोषी करार देते हुए उसे दो साल के कठोर कारावास की सजा के साथ-साथ उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।