मुरादाबाद। परिवहन विभाग का सड़क सुरक्षा सप्ताह सिर्फ कागजों में ही प्रभावी है। धरातल पर इसका असर नजर नहीं आ रहा है। तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को रोडवेज बसों की फिटनेस जांच होनी थी। परिवहन निगम अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए आरटीओ से टीम आकर बसों को चेक करती, कमियां पाए जाने पर उन्हें दूर कराने के लिए मौके पर ही कार्रवाई होनी थी।
आरटीओ से कोई टीम बुधवार को मुरादाबाद बस डिपो या पीतलनगरी बस डिपो पर बसों की फिटनेस जांच के लिए नहीं पहुंची। इसके अलावा बसों में यात्रियों को जागरूक करने के लिए सड़क सुरक्षा से संबंधित स्लोगन लिखे जाने थे। ऐसा भी कुछ नहीं किया गया। यहां तक कि आपातकालीन स्थिति में यात्रियों के प्रयोग के लिए एआरएम, आरएम के नंबर भी नहीं लिखे नहीं मिले। सुरक्षा के मानकों को पूरा करने के लिए बसों में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र तक नहीं है। पिछले सप्ताह मुरादाबाद पहुंचे नोडल अधिकारी रमेश कुमार को भी यह कमियां नजर नहीं आईं। इसके बावजूद परिवहन विभाग रोडवेज बसों में सड़क सुरक्षा के मानकों को पूरा कराने के स्थान पर सिर्फ कागजों में खानापूर्ति कर रहा है। मुरादाबाद डिपो के प्रभारी एआरएम सोमपाल सिंह और पीतलनगरी डिपो के प्रभारी एआरएम शिवबालक ने बताया कि संभागीय परिवहन कार्यालय से बसों की फिटनेस जांच के लिए कोई टीम नहीं आई। डिपो पर एआरएम स्तर से ड्राइवर-कंडक्टरों को सड़क एवं यातायात नियमों का पालन करने के लिए निर्देशित किया गया है।