फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामपुर में नए कानून के तहत पहली सजा: दुष्कर्म के दोषी को 26 दिन में 20 साल की कैद, एक लाख का जुर्माना भी लगाया

Sun, 22 Sep 2024 02:46 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

रामपुर की एक अदालत ने दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 26 दिन में अपना फैसला सुनाया है। नए कानून के तहत जिले में पहली सजा है।
विज्ञापन
रामपुर की अदालत ने सुनाई सजा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बालिका के साथ दुष्कर्म के दोषी को कोर्ट ने 20 साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 26 दिन में अपना फैसला सुनाया है।  नए कानून के तहत जिले में पहली सजा है। 27 अगस्त को मामले में आरोप तय होने के बाद कोर्ट ने मात्र 12 तारीखों में यह फैसला सुना दिया।

विज्ञापन


अदालत ने इस मुकदमे का संज्ञान 21 अगस्त को लिया था। मामला बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी से जुड़ा है। कॉलोनी निवासी एक मजदूर की पांच वर्ष की बेटी अपनी बहन दो वर्षीय बहन के साथ घर में खेल  रही थी। पड़ोस में ही रहने वाला आरोपी अश्वनी उसकी गैर मौजूदगी में घर में घुस गया और उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया।

चीखने पर बालिका की मां और पिता आ गए। आरोपी मौके से फरार हो गया। परिजन  बालिका को लेकर पहले रुद्रपुर और फिर हल्द्वानी के अस्पताल पहुंचे, जहां पर उसका उपचार हुआ। घटना की रिपोर्ट वादी ने ग्राम बांदा भड़याल थाना ताडीयावावा जिला हरदोई निवासी अश्वनी  के खिलाफ दर्ज कराई।
विज्ञापन


पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। शनिवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रामगोपाल सिंह की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित शर्मा ने वादी मुकदमा सहित आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए।

साथ ही बालिका की मेडिकल रिपोर्ट और बयानों का हवाला देते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है, लिहाजा आरोपी को बरी किया जाए।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अश्वनी को दोषी मानते हुए 20 साल की कैद और एक लाख रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुना दी।

इससे पहले दो ऐसे मामलों में 40 दिन में आ चुका है फैसला 

इससे पहले कोर्ट ने दुष्कर्म के दो मामलों में 40 दिन में फैसला सुनाया था, जिसमें एक मामला अजीमनगर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जिसमें दुष्कर्म करने वाले दोषी हेमकरन को छह साल की बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जबकि दूसरा मामला स्वार कोतवाली क्षेत्र का है, जिसमें कोर्ट ने दोषी कुलदीप को 40 दिन में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें