मुरादाबाद मंडल के गजेटियर पार्ट-2 पर लालबाग काली माता मंदिर के महंत ने कई सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि मंदिर के मेले समेत तीन जानकारियां गलत दर्ज की गई है। उन्होंने इसे ठीक करने की मांग की है। उधर, कमिश्नर ने कहा है कि मेले के संबंध में पुलिस दस्तावेज के आधार पर जानकारी दी गई है।
लालबाग श्री काली माता मंदिर के महंत ने मंडलीय गजेटियर पार्ट-2 को लेकर तीन सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया है कि मेले के संबंध में गलत सूचना दी गई है। स्वतंत्रता आंदोलन के महान योद्धा सूफी अंबा प्रसाद का जिक्र नहीं है। सिद्धपीठ नौ देवी श्री काली माता मंदिर लालबाग के महंत राम गिरी महाराज ने मंडलीय गजेटियर-2 में जिले की कुछ महत्वपूर्ण धरोहरों को शामिल नहीं किया गया है।
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इसमें प्राचीन सिद्धपीठ श्री काली माता जी के मंदिर पर लगने वाले नवरात्रि मेले के संबंध में गलत जानकारी प्रकाशित की गई है। इसके अलावा गजेटियर में सिर्फ तीन स्थलों नानकबाड़ी, गुरुद्वारा श्री तेग बहादुर साहिब और श्री चौरासी घंटा मंदिर का उल्लेख है।
वहीं 300 वर्ष से भी पुराने प्राचीन सिद्धपीठ श्री काली माता जी के मंदिर, नागा बाबा श्री मिश्री गिरि जी का टीला लालबाग मुरादाबाद (संबद्ध श्री पंचदश नाम जूना अखाड़ा काशी) का उल्लेख नहीं किया गया है। मंदिर के बिना मुरादाबाद की संस्कृति और विरासत अधूरी है।
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काली माता मंंदिर मेला, रामगंगा नदी के तट पर कार्तिक मास में नवरात्रि के अवसर पर पांच दिवसीय मेला अंकित किया गया है, यह जानकारी गलत है। वास्तविक रूप से प्राचीन सिद्धपीठ श्री काली माता जी का मंदिर में प्रत्येक वर्ष में दो बार चैत्र एवं कार्तिक नवरात्रि के पावन अवसर पर नौ दिवसीय विशाल मेला लगता है। इसको सही किया जाना आवश्यक है।
मेले से संबंधित जानकारी पुलिस रिकॉर्ड के तथ्य पर : कमिश्नर
कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह का कहना है कि गजेटियर के प्रथम अंक में क्रांतिकारी सूफी अंबा प्रसाद के बारे में लिखा गया है। मेले के संबंध में पुलिस रिकार्ड के अनुसार तथ्य शामिल किए गए हैं। यदि कोई तथ्य छूट गए हैं या त्रुटि है तो उसे प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करें।
सिर्फ दावों के आधार पर नहीं, प्रमाण के आधार पर त्रुटियों का सुधार किया जाएगा। अभी जिले का भी गजेटियर बनेगा। मंडलीय गजेटियर में सभी कुछ समाहित करना संभव नहीं था।