किसानों ने भाजपा सरकर के विरोध में नारेबाजी की और काले झंडे दिखाने लगे। इस पर राज्यमंत्री के काफिले के साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने किसानों को रोकने और समझाने लगे। राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने भी अपने वाहन को रुकवाकर किसानों से बात की और समझाने की कोशिश की।
रामपुर के दढ़ियाल में कृषि कानूनों और लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर किसानों का भाजपा सरकार के प्रति रोष कम नहीं हो रहा है। गुरुवार को दढ़ियाल क्षेत्र में एक स्थान से आ रहे राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के काफिले को किसानों ने काले झंडे दिखाते हुए नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने बीजेपी वालों की नो एंट्री की बात कहते हुए विरोध जताया। राज्यमंत्री ने रुककर किसानों को समझाने की कोशिश भी की लेकिन, किसान शांत नहीं हुए तो राज्यमंत्री काफिले के साथ निकल गए।
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गुरुवार सुबह को प्रदेश सरकार में जलशक्ति राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख उत्तराखंड सीमा स्थित गांव रजपुरा टांटा में बाबा जी की कुटिया पर गए थे। बाबा जी की कुटिया को लेकर बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोगों की आस्था है। राज्यमंत्री के बाबा जी की कुटिया आने की जानकारी किसानों को हो गई, जिस पर तमाम किसान मार्ग पर एकत्र हो गए। जैसे ही राज्यमंत्री का काफिला बाबा जी की कुटिया से होकर वापस जाने लगा तो कुछ दूरी पर किसानों भी एकत्र हो गए और नारेबाजी करने लगे।
किसानों ने भाजपा सरकर के विरोध में नारेबाजी की और काले झंडे दिखाने लगे। इस पर राज्यमंत्री के काफिले के साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने किसानों को रोकने और समझाने लगे। राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने भी अपने वाहन को रुकवाकर किसानों से बात की और समझाने की कोशिश की। इस पर किसानों ने कह दिया कि बीजेपी वालों की नो एंट्री है। इस दौरान राज्यमंत्री ने कार का गेट खोलकर बाहर आकर किसानों को समझाने की कोशिश भी की लेकिन, किसान नहीं माने। जिस पर राज्यमंत्री काफिले के साथ आगे बढ़ गए।