दो पैन कार्ड के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने सपा सांसद आजम खां व अब्दुल्ला आजम के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने मामले में सांसद व उनके बेटे के अधिवक्ता की ओर से दाखिल की गई डिस्चार्ज एप्लीकेशन को भी खारिज कर दिया है।
भाजपा के लघु उद्योग प्रकोष्ठ के पूर्व क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में दिसंबर 2019 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उनका आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने गलत तरीके से दस्तावेज तैयार करवाकर दो पैन कार्ड बनवा लिए और उससे अनुचित लाभ ले लिया।
इसमें एक पैन कार्ड नंबर DFOPK6164K एसबीआई के बैंक अकाउंट में लगा है। वहीं, दूसरा पैनकार्ड नंबर DWAPK7513R है, जिसमें उन्होंने अपनी जन्मतिथि 30.09.1990 दर्शाई है। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी में मुकदमा दर्ज कर लिया था।
मामले की सुनवाई रामपुर में एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है। जिसमें सपा सांसद आजम खां और अब्दुल्ला आजम ने अधिवक्ता के माध्यम से मार्च माह में डिस्चार्ज एप्लीकेशन लगाई थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने मामले में सपा सांसद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
आकाश सक्सेना के अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि मामले में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान आजम खां व अब्दुल्ला आजम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए थे। कोर्ट ने मामले में आरोप तय कर दिए हैं और अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता रामौतार सिंह सैनी ने बताया कि कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में सपा सांसद आजम खां और अब्दुल्ला आजम के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत आरोप तय करते हुए डिस्चार्ज एप्लीकेशन खारिज कर दी है।