मुरादाबा। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि गेहूं खरीद केंद्रों पर किसानों के साथ अनुचित व्यवहार की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विपणन विभाग को व्यवसायियों की तरह किसानों से खरीदारी करनी होगी।
मंडलायुक्त पंचायत भवन में गेहूं खरीद की मंडलीय कार्यशाला को शुक्रवार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गांव में बिचौलिये किसानों के साथ वायदा कारोबार करते हैं। इस मामले में जिला प्रशासन को माॅनीटरिंग करनी होगी। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक गेहूं की पैदावार हुई है। इस कारण खरीदारी भी अधिक होनी चाहिए।
गेहूं के अवैध संचरण को रोकने के लिए सख्त रूख अपनाना होगा। किसानों की मेहनत का पूरा सम्मान किया जाएगा। गेहूं का समर्थन मूल्य 2,425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 150 रुपये अधिक है। मंडल में 400 से अधिक केंद्रों के माध्यम से गेहूं की खरीद होगी। खरीद की अवधि 17 मार्च से शुरू है जो 15 जून तक जारी रहेगी।
डीएम अनुज सिंह ने कहा कि क्रय केंद्रों पर किसानों के बैठने, पीने के पानी, छाया और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता रहेगी। इस मामले में सत्यापन कार्य में तेजी लानी होगी। क्रय केंद्र सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक सार्वजनिक अवकाशों सहित सभी दिनों में खुले रहेंगे। मोबाइल क्रय केंद्रों की सुविधा दूरस्थ क्षेत्रों में भी रहेगी। अवैध भंडारण और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों को उनके गेहूं का भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। खरीदे गए गेहूं का परिवहन केवल जीपीएस युक्त वाहनों से किया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
संभागीय खाद्य नियंत्रक शैलेष कुमार ने कहा कि इस बार गेहूं खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और प्रभावी बनाया गया है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और किसी भी प्रकार की दलाली या भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।
शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर जारी
किसानों की शिकायतों के निवारण के लिए टोल-फ्री नंबर 18001800150 जारी किया गया है। पूर्व पंजीकरण के आधार पर बंटाईदार किसान भी गेहूं की बिक्री कर सकेंगे। कार्यशाला में एडीएम प्रशासन गुलाब चंद्र, जिला विपणन अधिकारी विनीता मिश्रा, उप निदेशक मंडी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।