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ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए 14 करोड़ के प्रस्तावों को मिली मंजूरी

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जिला पंचायत बोर्ड बैठक में बोलतीं जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह।अमर उजाला - फोटो : CITY
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मुरादाबाद। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में 14 करोड़ रुपये के कार्य कराने के प्रस्तावों को मंजूरी मिली। जिला पंचायत अध्यक्ष के अनुसार 60 फीसदी बजट सड़कों के लिए आवंटित किया गया है, जबकि 40 फीसदी बजट नालों और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए है। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों को बराबर बजट आवंटित किया जा रहा है। उनका प्रयास समूची ग्राम पंचायतों का विकास है। इसके अलावा विधायक, सांसद और कैबिनेट मंत्री के प्रस्तावों के कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे।
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जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह का कहना है कि 14 करोड़ के कार्यों में से आठ करोड़ 40 लाख रुपयों से ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के कार्य कराए जाएंगे, क्योंकि 90 फीसदी गांवों के संपर्क मार्ग जर्जर हो चुके हैं। लंबे समय से सड़कों की मरम्मत या बनाने का कार्य नहीं हुआ है। स्कूलों के कार्य कायाकल्प योजना के अंतर्गत कराए जाएंगे। अभी स्ट्रीट लाइट्स के लिए शासन ने बजट आवंटित नहीं किया है। उन्होंने बताया कि पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह के करीब सात प्रस्ताव हैं। इसमें कांठ, भगतपुर, सेहल मंडल, ठाकुरद्वारा आदि क्षेत्र के प्रस्ताव हैं। उनके लिए 45 लाख रुपये, सभी ग्राम पंचायतों के लिए 25 से 30 लाख रुपये, विधायक राजेश सिंह चुन्नू, नगर विधायक रितेश गुप्ता, एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त और कुंदरकी विधायक रिजवान कुरैशी के प्रस्तावों के लिए 35-35 लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सांसद डॉ. एसटी हसन ने भी प्रस्ताव दिए हैं। पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह, सांसद डॉ. एसटी हसन, एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, मुख्य विकास अधिकारी आनंद वर्धन, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत शिशुपाल शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रबुद्ध सिंह, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य टीपी कौशिक, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुपमा शांडिल्य मौजूद रहीं।
युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार की पहल
ग्रामीण क्षेत्र के युवक-युवतियों को कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रशिक्षित कर रोजगार दिलवाने का प्रयास किया जाएगा। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत शिशुपाल शर्मा ने बताया कि शुक्रवार से ही प्रयास शुरू किए जाएंगे। पायल प्रोजेक्ट के तौर पर पहले दो-तीन ग्राम पंचायतों के सक्रिय सदस्यों से वार्ता की जाएगी। शुरुआत में करीब सौ युवाओं को दो महीने का प्रशिक्षण दिलवाकर रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल होगी। उन्हें बैंक से लोन दिलवाकर स्वरोजगार शुरू करवाए जाएंगे।
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जमा करने पर भी बिजली विभाग ने दिया 11 लाख का बिल
जिला पंचायत सदस्य अजयवीर सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक माह बिजली का बिल आने के बजाय पूरे वर्ष का बिजली का बिल 20 से 25 हजार रुपये एक साथ आता है। इसकी वजह से ग्रामीणों को भुगतान करने में दिक्कत होती है। गांव लक्ष्मीपुर कट्टई गांव के एक व्यक्ति यासीन आटा प्लांट संचालित करते हैं। विभाग ने उन्हें एक साथ 11 लाख रुपये का बकाया बिल भेज दिया। पूछने पर विभाग ने इसे गलती बताया। इस पर वह व्यक्ति कोर्ट चला गया। दो महीने में उनका कारोबार बंद हो गया। जब उनके बेटे ने बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया तो विभाग अब कनेक्शन नहीं दे रहा है। मूंढापांडे ब्लॉक में ज्यादातर स्थानों पर यही हालात हैं।
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