अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस के उपलक्ष्य में जिला विज्ञान क्लब मिर्जापुर की तरफ से रविवार से दो दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें 159 बाल वैज्ञानिकों एवं विज्ञान संचारकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यशाला के पहले दिन विशेषज्ञों ने प्लास्टिक की उत्पत्ति, इसके प्रकार, बोतल बंद पानी से प्रदूषण फैलने, प्लास्टिक से खतरे आदि के बारे में जानकारी दी गयी। जिला समन्वयक सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि आज स्थिति ऐसी है कि 24 घंटे में हम प्लास्टिक की 196 चीजों का प्रयोग करते हैं एवं गैर प्लास्टिक चीजों की संख्या 102 है। इस्तेमाल होने तक प्लास्टिक सुविधा प्रदान करता है। उपयोग के दौरान होने वाली रासायनिक क्रिया और उसके कचरे में बदलने पर यह दुनिया के लिए बड़ी समस्या बन जाती है। डॉ. यूएस श्रीवास्तव ने प्लास्टिक के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. पीसी रॉय ने कहा कि बोतल बंद पानी आम तौर पर साफ सुथरा और पीने योग्य माना जाता है। उसमें भी प्लास्टिक के कण पाए जाते हैं। डॉ. परवीन ने कहा कि आज हालात ये हो गए हैं कि हम घर के सभी सामान पॉलिथीन में लेकर चले आते हैं। ये संस्कृति बहुत खतरनाक है। जब हम पॉलिथीन में गर्म जलेबी, खाना, सब्जियां, गर्म दूध भी ले आते हैं, तो हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ जाता है।