मिर्जापुर। पथरहिया स्थित मंडलायुक्त कार्यालय के सभागार में मंगलवार को संभागीय परिवहन प्राधिकारी की बैठक का आयोजन हुआ। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि पंजीकृत वाहन ही परमिट के साथ निर्धारित रूट पर चलें। इस दौरान विगत बैठक में निजी मार्गों पर परमिट हेतु प्राप्त आवेदन पर विचार के क्रम में मार्ग तेल गुड़वा से मुर्धवा वाया कोन विंढमगंज, कटौली, मझौली को ओबरा तहसील वाया डाला, चोपन तक विस्तार तथा दूसरे मार्ग लालगंज से कलवारी मार्ग का विस्तारीकरण, लालगंज से घोरावल तक विस्तार करने के प्रकरण पर स्वीकृति प्रदान की गई।
सार्वजनिक वाहनों द्वारा यात्रा कराने के लिए टिकटों की बिक्री के लिए अभिकर्ता अनुज्ञप्ति के लिए प्रस्तुत प्रार्थना पत्रों पर विचार किया गया। साथ ही वाहनों के सीएनजी या एलपीजी किट, रेट्रोफिटमेंट किए जाने के प्रकरण पर विचार किया गया। मोटरगाड़ी अधिनियम 1988 की धारा 86 के अंतर्गत कार्यवाही के लिए प्रतिवेदित प्रकरणों पर नीतिगत निर्णय लिया गया। मंडलायुक्त ने संभागीय परिवहन अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी वाहन चालक एवं परिचालक निर्धारित ड्रेस कोड पहनकर ही गाड़ी चलाएं मंडलायुक्त ने कहा कि मंडल में कितनी गाड़ियां पंजीकृत हैं और कितनी का आयु पूर्ण/मृत हो चुकी हैं। उन सभी को पर्यावरणीय दृष्टिकोण निष्क्रिय मानते हुए स्क्रैप करा दिया जाए। जो वाहन जिस रूट पें चलने के लिये पंजीकृत हैं, उसका मार्ग रूट को पेंट से लिखा होना अनिवार्य है शहर में बढ़ते हुए ई-रिक्शा की संख्या पर प्रभावी कदम उठाते हुए नगर मजिस्ट्रेट, विकास प्राधिकरण, नगर पालिका, यातायात उप अधीक्षक एवं यातायात निरीक्षक द्वारा एक संयुक्त कमेटी बनाकर ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन परमिट, फिटनेस आदि बिंदुओं पर कार्यवाही करने पर बल दिया गया। मंडलायुक्त ने कड़े शब्दों में कहा कि ओवरलोडिंग एवं टैक्स चोरी पर कठोर कार्यवाही करते हुए परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त किया जाय। बैठक में जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, उप परिवहन आयुक्त परिक्षेत्र वाराणसी एके सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी संजय कुमार तिवारी, सभी एआरटीओ एवं ट्रांसपोर्ट मालिक उपस्थित रहे।
भारी वाहन पर लग सकती है रोक, पुल में नहीं है कोई खराबी
मिर्जापुर। शास्त्री सेतु पुराना हो गया है, इसलिए उस पर 18 चक्का के ऊपर के वाहन पर आगामी समय में रोक लगाई जा सकती है। अधिकारी इस संबंध में बैठक किए है। इस पर निर्णय लिया आना बाकी है। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक आरएस उपाध्याय ने बताया कि शास्त्री पुल पुराना है। हाल ही में उसकी मरम्मत हुई है। रात को पुल से ओवरलोड वाहन गुजरने की जानकारी मिली। विभाग के लोगों से रात के समय जांच कराया गया तो पता चला कि ओवरलोड वाहन चल रहे हैं। इसकी फोटोग्राफी कराकर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है कि पुल पर 18 चक्का और 22 चक्का ट्रक के आवागमन पर रोक लगा दी जाए। इसपर चर्चा चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शास्त्री पुल पर कोई दरार नहीं आई है। जो क्रैक्स दिख रहे है, वह एक्सपेंशन प्वाइंट हैं। क्रैक्स को देखकर लोग उसे दरार कह रहे हैं, जो गलत है।