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तीज पर गंगाघाटो पर उमड़ा महिलाओं का रेला

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बाबा घाट पर तीज के अवसर पर गंगा स्नान करने के बाद ब्राह्मण को दान देती महिलाएं । - फोटो : MIRZAPUR
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मिर्जापुर। अखंड सौभाग्य के लिए पूर्वांचल की महिलाओं का प्रमुख पर्व तीज बृहस्पतिवार को मुख्यालय के साथ ग्रामीणांचलों में भी धूमधाम से मनाया गया। दिनभर निर्जला व्रत रखी महिलाओं ने मिट्टी से बनी माता पार्वती का सोलह श्रृंगार कर भगवान शंकर व माता गौरी का विधि विधान से पूजन किया।
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नगर के बरियाघाट, पक्काघाट, बाबाघाट, नारघाट, कचहरी घाट समेत विभिन्न घाटों पर गंगा स्नानकर जहां घाटो के आसपास मंदिरों में विराजमान देवी और देवताओं के दर्शन-पूजन किए वहीं ज्यादातर महिलाएं मिट्टी से बने भगवान शंकर व माता गौरी के प्रतिमा का पूजन-अर्चन कर आसपास मौजूद उपरेहितों को दान-दक्षिणा प्रदानकर पूण्य का लाभ कमाया। शाम को बरियाघाट स्थित श्रीपंचमुखी महादेव मंदिर व ताड़केश्वर महादेव मंदिर पर महिलाओं की काफी भीड़ रही। ग्रामीणांचलों में घरों में ही ज्यादातर महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर शिव-पार्वती का पूजन-अर्चन कर अखंड सुहाग की कामना की।
तीज पर्व पर बृहस्पतिवार को घाटो पर अव्यवस्थाओं का अंबार दिखा, बाढ़ के बाद आज तक कई घाटो पर जमे सिल्ट को नहीं हटाया जा सका। इसका परिणाम रहा कि स्नान के लिए घाटों पर आई महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नगर के पक्काघाट पर गंदगी के चलते उठने वाली दुर्गंध से महिलाएं परेशान दिखीं, शिकायत पर जहां एक तरफ महिलाएं गंगा स्नान कर रहीं थीं वहीं दूसरी तरफ सिल्ट हटाने का कार्य किया जा रहा था। गंगाघाटों पर कपड़े बदलने के लिए कोई व्यवस्था न होने से महिलाएं खुले में वस्त्र बदलने के लिए मजबूर रहीं।
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तीज पर बृृहस्पतिवार को बरियाघाट पर मेले जैसा नजारा व्याप्त रहा। मुख्य सड़क से लेकर गंगाघाट तक सड़क की पटरियां खिलौने, मालाफूल, श्रृंगार व मिट्टी से बने भगवान शंकर व माता गौरी की मूर्तियों से पटीं रहीं। स्नान, ध्यान व पूजन-अर्चन के बाद महिलाओं और साथ आए बच्चों ने जमकर खरीदारी किए। भीड़ के चलते जाम की स्थिति बनीं रही। सुरक्षाबलों को कड़ी मशक्कतों का सामना करना पड़ा। कमोवेश यही हाल नगर के पक्काघाट, नारघाट स्थित गंगाघाटों का बना रहा।
तीज पर मिठाई और फल दुकानदारों की चांदी रही। दिनभर ऐसे दुकानों पर खरीदार उमड़े रहे। इस मौके पर खोवा के बर्फी और पेड़े की मांग बढ़ने से इसके भाव अन्य दिनों की अपेक्षा बृहस्पतिवार चार से पांच सौ रुपये प्रति किलोग्राम बिके। इसी तरह केला और सेब के अलावा अन्य फलों के दाम बढ़े रहे। दो दिन पहले 30 से 40 रुपये दर्जन बिक रहा केला तीज पर 50 से 60 रुपये दर्जन रहा। इसी तरह सेब के दाम भी 100 से 150 रुपये प्रति किलोग्राम रहे।
जहां एक तरफ विंध्याचल में हुए नाव हादसे को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन परेशान रहा वही बृहस्पतिवार को तीज पर्व पर पक्काघाट पर लोग नौंका बिहार करते देखे गए। कोई परिवार तो कोई साथियों संग नाव पर बैठकर इस घाट से उस घाट की सैर कर आनंद उठा रहा था। नौका बिहार के चलते घाटों पर स्नान कर रहीं महिलाओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। मजे की बात तो यह कि घाटों पर खड़े सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक की भांति खड़े रहे।
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