पानी घटने से अधिकारियों ने राहत की सांस जरूर ली लेकिन बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में लोगों की समस्या कम न हुई। छानबे, कोन, सिटी, मझवां, पहाड़ी, सीखड़, नरायनपुर विकास खंड समेत विंध्याचल व चुनार के तटवर्ती इलाकों में अधिकांश गांव बाढ़ के पानी से घिरे रहे। बाढ़ के चलते इससे जुड़ी नदियों में आए उफान के चलते हजारों एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। खरीफ फसल के साथ सब्जियों की खेती पूरी तरह से बर्बाद हो गयी। सड़क, पुल और पुलियों पर बाढ़ का पानी बहने से आवागमन पूरी तरह से ठप रहा। लोगों के लिए केवल नाव ही सहारा बना हुआ है।
प्रशासनिक आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के 406 गांवों में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। सदर तहसील में 222 व चुनार में 184 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बचाव व आवागमन सुचारु बनाए जाने के लिए बाढ़ क्षेत्रों में कुल 120 नाव लगाए गए हैं