बाढ़ समस्या से निजात मिलने के बाद भी विंध्य क्षेत्र के पक्का घाट पर जमे सिल्ट अभी तक नहीं साफ किए गए। जिससे गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा देश के कोने-कोने से आने वाले भक्तों को हो रही है। गंगा का जलस्तर घटने के बाद पक्का घाट समेत अन्य घाटों पर चारों तरफ सिल्ट ही सिल्ट नजर आ रही है।
ऐसी स्थिति में श्रद्धालुओं को स्नान करने में काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। गंगा घाट की सीढ़ियों पर सिल्ट के साथ ही कूड़े का अंबार पड़े हुए हैं। पक्का घाट पर भक्तों के स्नान करने के लिए ना तो कहीं पर बैरिकेडिंग लगाई गई है और ना ही साफ-सफाई की व्यवस्था कराई गई है।
मजे की बात तो यह है कि यदि शाम के समय कोई भक्त गंगा स्नान करने के लिए आता है तो वह सिल्ट में फिसल कर गिरकर जख्मी भी हो जाता है। प्रकाश की समुचित व्यवस्था न होने से शाम के समय घाटो पर अंधेरा पसरा रहता है।
अंधेरे के चलते दूरदराज से आने वाले भक्तजनों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि वह सब कुछ जान कर भी अनजान बना हुआ है। गंगा स्नान बाद महिलाओं को वस्त्र बदलने के लिए गंगा घाटों पर कोई जगह नहीं है। ऐसे में उनको परेशानी होती है।