बेटी की इज्जत के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने पर आरोपियों ने एक परिवार पर कहर बरपा दिया। मंगलवार को दिन निकलते ही घर पर हमला बोला। गंड़ासे से कई वार कर दंपति को लहूलुहान कर दिया। उस वक्त मौजूद अन्य रिश्तेदारों को भी बेरहमी से पीटा। फिर पुलिस सायरन की आवाज सुनकर आरोपी असलहे लहराते हुए फरार हो गए। पिता की हालत गंभीर है जिन्हें मेरठ रेफर किया गया है। हैरत की बात यह है कि पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज की है।
उत्तर प्रदेश में अमरोहा शहर के मुहल्ला अहमदनगर (बारी सराय) में मंगलवार को हुई सनसनीखेज वारदात की वजह कुछ महीने पहले हुई छेड़छाड़ की घटना है। आजिज इसमाइल खां की बेटी छेड़छाड़ से काफी परेशान थी, उसने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। लेकिन उसके पिता ने हिम्मत नहीं हारी। थाने पर दस्तक दी। कहीं सुनवाई नहीं हुई तो आत्मदाह की चेतावनी दी। इस पर मामले ने तूल पकड़ा और बात आला अफसरों तक पहुंची।
मुहल्ले के दानिश, भोलू और इशरत के खिलाफ मामला दर्ज हुआ लेकिन मामूली धाराओं में। आरोपी अंतरिम जमानत पर छूटे लेकिन रंजिश बढ़ गई। वे दबाव बनाने लगे। इसमाइल ने सोमवार को अफसरों से फिर शिकायत की तो आरोपी भड़क उठे। मंगलवार को दिन निकलते ही आरोपी इसमाइल के घर पर टूट पड़े।
उन्होंने इसमाइल समेत पत्नी रानी सबा और बेटी पर गंडासे कई वार किए। घर में मौजूद ससुर शरीफ, सास इदीरसा और साले सनव्वर को भी पीटा। चीखपुकार से मुहल्ले में दहशत फैल गई। पुलिस के सायरन की आवाज सुन हमलावर परिवार को अंजाम भुगतने की धमकी देकर भाग निकले।
पुलिस ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। इसमाइल खां की हालत नाजुक है, उनको मेरठ रेफर किया गया है। प्रभारी कोतवाल पीके शर्मा ने बताया कि मेडिकल में धारदार हथियार से हमले की पुष्टि नही हुई है। छेड़छाड़ के आरोपियों समेत दूसरे पक्ष के खिलाफ भी मुकदमा कायम किया गया है।
वाह री पुलिस, फिर खेल!
छात्रा से छेड़खानी की इस पूरी कहानी में पुलिस का किरदार भी कम दिलचस्प नहीं है। शुरूआत में पिता की आत्मदाह की धमकी पर उसने रिपोर्ट तो दर्ज की। लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी व कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी। फिर, भी लगातार आ रहीं शिकायतों को नजरअंदाज करने वाली पुलिस ने हकीकत जानने की जरूरत भी नही समझी। चौबीस घंटे पहले सोमवार को भी हमले के बाद इसमाइल ने कोतवाली में इंसाफ की गुहार लगाई थी। लेकिन, सुनवाई नही हुई। मंगलवार को पुलिस की इसी ढिलाई के चलते आरोपियों ने घंटेभर तक उसके घर में आतंक मचाया। बावजूद इसके पुलिस ने दोनों पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।