युवक द्वारा जहर खाकर जान दी, तीन लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा
सरधना। युवक के अपहरण के मामले में पुलिस की कार्रवाई और समाज में बदनामी के चलते नगर निवासी 20 वर्षीय एक युवक ने जहर खाकर आत्म्हत्या कर ली। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस संबंध में मृतक की मां की तहरीर पर पुलिस ने मुजफ्फरनगर निवासी भाई-बहन व उनके पिता पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है।
मुजफ्फरनगर के गांव भंडूरा निवासी राकेश पुत्र नत्थन ने तहरीर में बताया था कि उसका बेटा 22 वर्षीय बेटा विक्की 24 सितंबर को सरधना के मोहल्ला भाटवाड़ा में अपने मौसा बृजेश के यहां आया था। लेकिन घर नहीं लौटा। काफी तलाश करने पर भी उसका पता नहीं चल सका। राकेश ने 2 अक्तूबर को विक्की के अपहरण व उसकी हत्या की आशंका जताते हुए मोहल्ला भाटवाड़ा निवासी अंकित (20) पुत्र बृजेश, प्रीति पुत्री बृजेश व अतुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस विक्की के केस में बृजेश के परिजनों पर दबाव बना रही थी। चर्चा थी कि विक्की की हत्या उसकी मौसी की बेटी को लेकर की गई। पुलिस इस मामले में अंकित के घर पर दबिश दे रही थी। पुुलिस के दबाव और समाज में बदनामी के डर से अंकित और उसका परिवार तनाव में था।
मंगलवार सुबह अंकित ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे परिजनों ने नगर में ही चिकित्सक को दिखाया, सुधार नहीं होने पर मेरठ के शोभापुर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। बुधवार सुबह उपचार के दौरान अंकित की मौत हो गई। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
अंकित के परिजनों ने विक्की के परिजनों पर फर्जी केस दर्ज कराकर अंकित को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। पुलिस ने अंकित का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अपहृत विक्की व अंकित द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में दर्ज मुकदमों की जांच में जुट गई है।
सीओ आरपी शाही का कहना है कि अंकित की मौत मामले में एक युवती समेत तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।