एसोसिएशन पदाधिकारी बोले- बैंकों का ब्याज माफ करे सरकार
प्रदेश सरकार को सर्वाधिक टैक्स देने वाली पब्लिशिंग इंडस्ट्री को राहत देने के लिए सरकार को बैंक ब्याज माफ करना चाहिए। आगे भी उद्योग चलाने के लिए धनराशि की जरूरत पड़ेगी। - पंकज कुमार जैन, अध्यक्ष, एसोसिएशन ऑफ चिल्डर्न बुक पब्लिशर्स
बिजली बिल ने बिगाड़ी व्यवस्था
औद्योगिक इकाइयों में मशीनें बंद हैं। इसके बाद भी बेसिक विद्युत बिल 50 हजार रुपये से अधिक है। 250 से अधिक उद्यमियों पर लाखों रुपये का विद्युत बिल बकाया चल रहा है। - आशु रस्तौगी, अध्यक्ष, प्रिंटर्स एसोसिएशन
प्रकाशन उद्योग की बड़ी क्षति
1.5 लाख से अधिक व्यापारी और कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। मांग न होने के कारण कारोबार बंद हैं। उद्यमियों के पास विकल्प नहीं हैं। सरकार को उद्योग को राहत के उपाय करने होंगे। - अजय रस्तोगी, एमडी, चित्रा प्रकाशन
मजबूरी में काम ही बदल लिया
एक-दो मशीन पर काम करने वाले उद्यमियों के पास विकल्प नहीं बचा है। शहर में पांच उद्यमियों ने ट्रेड ही बदल लिया है। मशीनें बेच दी हैं। कुछ ने खुद को दिवालिया तक घोषित कर दिया है। - तुषार अरोड़ा, एमडी, न्यू किंग ऑफसेट प्रिंट